फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र के गांव उतरारा में एक बालिका वधू बनने से बच गई। पिता ने 12 वर्ष की बालिका का विवाह 30 वर्ष के दिव्यांग युवक से तय कर दिया। रविवार को बारात आनी थी। इससे पहले ही लड़की की मौसी ने उसकी मां को सूचना दे दी। सूचना पर बालिका की मां और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की भनक लगते ही रविवार रात को दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा।
बताया गया है कि गांव उतरारा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 12 वर्ष की पुत्री की शादी थाना क्षेत्र के गांव मोहिनीपुर निवासी बीस बीघा खेत के मालिक 30 वर्ष के दिव्यांग युवक के साथ तय कर दी। बच्ची की बिना मर्जी के हो रही शादी में बुआ भी पूरा साथ दे रही थी। बालिका की मौसी ने बताया कि उसकी बुआ ने ही उसकी शादी तय कराई थी जिसमें उसका पूरा परिवार जबरन नाबालिग की शादी कराने में लगा हुआ था।
भनक लगते ही उतरारा में ही रहने वाली उसकी मौसी ने मथुरा में रह रही उसकी मां को पूरे घटनाक्त्रस्म से अवगत कराया। बालिका की मां पुलिस लेकर उतरारा पहुंच गई। पुलिस ने नाबालिग को अपने कब्जे में लेकर उसे थाने ले आई। वहीं पुलिस की मौजूदगी की भनक लगते ही मोहिनीपुरा निवासी दूल्हा बारात लेकर गांव में नहीं पहुंचा।
क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा ने कहा कि उतरारा में नाबालिग की शादी की सूचना पर पुलिस गई थी। पुलिस बालिका के साथ उसकी मां को थाने लाई है। तहरीर मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला के पति को बुलाया गया है।