गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुए शुक्रवार को कासंगज में हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद लगातार तीसरे दिन भी हिंसा और आगजनी जारी है। रविवार की सुबह कासगंज के नदरई गेट इलाके में उपद्रवियों ने दुकानों में आग लगा दी। रात भर आगजनी की घटनाएं होती रही। शनिवार देर शाम बेकाबू हुए बवाल में उपद्रवियों ने एक एंबुलेंस में आग लगा दी थी।
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बवाल बढ़ने पर जिले भर में रविवार तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। इसके कुछ देर के बाद एक मेडिकल स्टोर और रात करीब 11 बजे डाकघर शोरों के पास दुकान को आग के हवाले कर दिया।
इससे पहले दोहर में तनाव बढ़ने के बाद कासगंज आ रही साध्वी प्राची को पुलिस ने सिकंदराराऊ में ही रोक लिया मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। डीजीपी ऑफिस से भेजे गए आईजी डीके ठाकुर कासगंज में ही कैंप कर रहे हैं।
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बता दें कि शुक्रवार को मृत युवक चंदन के अंतिम संस्कार के दौरान ही विवाद की शुरुआत हो गई थी। चिता लगने के बाद भी लोगों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। इसके बाद सांसद राजवीर सिंह ने वैश्य सभा के जिलाध्यक्ष की सीएम योगी आदित्यनाथ से बात कराई। तब जाकर युवक का अंतिम संस्कार हुआ।
साध्वी प्राची को रोका
साध्वी प्राची सिकंदराराऊ में
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन लगातार हालात सामान्य होने की बात कहता रहा लेकिन स्थिति अब भी काबू से बाहर है। देर शाम उपद्रवियों ने एक एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद हालात काबू करने के लिए जिले भर में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। लगातार फैल रही अफवाहों से लोग दहशत में हैं।
अंतिम संस्कार से लौटते ही भीड़ उग्र हो गई। जुलूस के रूप में लौटते लोगों ने आसपास के खोखों और कई दुकानों में आग लगा दी। रास्ते में सब्जी के ठेलों को भी पलट दिया। भीड़ ने तोड़फोड़ करते हुए दुकानों और दो बसों में आग लगा दी।
प्रशासन ने जैसे-तैसे हालात काबू में किए। इसके बाद शहर के लवकुश नगर इलाके में बम मिलने से सनसनी फैल गई। इधर दोपहर बाद कासगंज आने के लिए निकलीं साध्वी प्राची को पुलिस ने सिकंदराराऊ में रोक लिया। वे पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गईं।
शनिवार शाम को कासगंज के गंगेश्वर कालोनी स्थित एक बंद मकान में उपद्रवियों ने आग लगा दी। मकान मालिक शुक्रवार को अपने परिवार के साथ चले गए थे। इसी मकान के पास खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया गया। वहीं रेलवे लाइन के पास भी एक बाइक जली हालत में मिली।
लगातार दी जा रही दबिश
मौके पर पुलिस, आरएएफ
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी आगरा जोन अजय आनंद ने बताया कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी लेकिन स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। पीएसी और आरएफ के जवानों के साथ अफसर शहर भर में गश्त कर रहे हैं। जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
आईजी अलीगढ़ डा. संजीव गुप्ता, कमिश्नर अलीगढ़ सुभाष चंद्र शर्मा मौके पर कैंप किए हुए हैं। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस ने अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी की है। शहर में धारा 144 लागू है। जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। बाकी उपद्रवियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित विधायक और अन्य पार्टी नेताओं को फोन पर शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले इलाकों और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
ये था पूरा मामला
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गणतंत्र दिवस के मौके पर शुक्रवार को कासगंज नगर में एक समुदाय के लोगों द्वारा निकाले जा रहे तिरंगा जुलूस के दौरान बडडू नगर इलाके में दूसरे समुदाय के लोगों से भिड़ंत हुई। जिसमें तिरंगा यात्रा निकाल रहे समुदाय के एक युवक अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता (22) की गोली लगने से मौत हो गई। दो लोग अन्य लोग हुए थे।
घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवक की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने को कहा। मामले में प्रशासन को उपद्रवी तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। दोनों पक्षों से शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
शुक्रवार को पहुंचे सांसद राजवीर सिंह और अन्य भाजपा विधायक
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने शहर भर के बाजार बंद करा दिए। लोग सड़कों पर उतरकर घटना पर आक्रोश जताने लगे। कई स्थानों पर उपद्रवियों ने आगजनी की नाकाम कोशिशें की और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। युवक की मौत की सूचना पर सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, भाजपा के कई विधायक मौके पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री व अन्य सरकारी अफसरों को घटनाक्रम से अवगत कराया गया। प्रशासन ने स्थिति को काबू करने के लिए पीएसी, आरएएफ और पुलिस बल की तैनाती शहर भर में कर दी। रातभर प्रशासनिक अधिकारी भाजपा व हिंदू संगठन के लोगों से बातचीत कर स्थिति समान्य करने की कोशिशों में जुटे रहे।