मथुरा में एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को मांट ब्लॉक में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी ने आंगनबाड़ी सहायिका से महीनादारी मांगी थी और न देने पर बर्खास्त करने की धमकी दी थी। डील 10,000 पर तय हुई।
बता दें कि मथुरा में नौहझील ब्लॉक के गांव उदियागढ़ी निवासी वीरेंद्र सिंह की पत्नी मिथिलेश गांव नगला कोलाहार स्थित प्राथमिक विद्यालय में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका के रूप में तैनात हैं। आरोप है कि नौहझील एवं मांट ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी नीरज कुमार महीनादारी न देने पर सहायिका मिथलेश को बर्खास्त करने की धमकी दे रहे थे।
बर्खास्त होने से बचने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने रिश्वत मांगने की जानकारी अपने परिवारीजनों को दी थी। परिवारीजनों की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने सीडीपीओ को रंगे हाथ दबोचने की भूमिका तैयार कर ली।
ऐसे लगा हाथ
रंगे हाथ पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
सीडीपीओ से आंगनबाड़ी सहायिका की सोमवार को रिश्वत के 10 हजार रुपये मांट ब्लॉक स्थित कार्यालय में पहुंचाने की बात तय हो गई। तयशुदा कार्यक्रम के तहत जैसे ही आंगनबाड़ी सहायिका की ओर से सीडीपीओ को रिश्वत दी गई, तभी एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ दबोच लिया।
सीडीपीओ के पकड़े जाने की खबर से ब्लॉक परिसर में खलबली मच गई और कई कर्मचारी कार्यालय छोड़ कर भाग खड़े हुए। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी सीडीपीओ नीरज कुमार को थाना मांट ले जाने के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
एंटी करप्शन टीम में इंस्पेक्टर भैयालाल, मोहम्मद युसुफ शेख, बहादुर सिंह, सन्ध्या निगम, मोहम्मद इसरार के अलावा गवाह के रूप में डीएम की ओर से शरद शर्मा शामिल थे।