मंटोला क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल डालने पहुंची टोरंट की टीम को क्षेत्रीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों ने टीम को खदेड़ बाजार बंद करा दिया। हंगामा बढ़ते देख कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। तब स्थिति नियंत्रित हुई। विरोध के चलते काम रुकवा दिया गया है। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में टोरंट और क्षेत्रीय लोगों की बैठक होगी।
मंटोला थाने से आगे केबल अंडरग्राउंड करने के लिए टोरंट की टीम मंगलवार सुबह 10 बजे खोदाई करने पहुंची। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद था। अपराह्न ढाई बजे तक शांतिपूर्वक कार्य चला। इसके बाद जैसे ही पूर्व मंत्री चौधरी बशीर क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनके समर्थक और क्षेत्रीय लोग भी उनके साथ आ गए। उन्होंने अंडरग्राउंड केबल डालने का विरोध करते हुए खोदाई कार्य कर रही लेबर को भगा दिया। उनका सामान भी फेंक दिया। मौके पर मौजूद टोरंट कर्मचारियों को भी खदेड़ दिया। पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों ने बाजार को बंद करा दिया। विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। टोरंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट संदीप गुप्ता सहित आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। विरोध की वजह जानने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ने पूर्व मंत्री सहित क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित भी किया लेकिन बशीर के न पहुुंचने की वजह से बैठक नहीं हो पाई। अब बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे क्षेत्र में ही सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में टोरंट के अधिकारियों और क्षेत्रीय लोगों की बैठक होगी।
क्षेत्र में केबल तो अंडरग्राउंड होनी ही है। आज बैठक में क्षेत्रीय लोगों से इसके विरोध की वजह जानी जाएगी। जिससे कि अगर कोई दिक्कत है तो उसका समाधान हो सके।
- संदीप गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट
क्षेत्रीय लोगों की सहमति के बाद ही क्षेत्र में कार्य शुरू कराया गया था। कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ की वजह से इसका विरोध कर रहे हैं। यह कार्य जनहित में कराया जा रहा है।
- भूपेंद्र सिंह, पीआरओ, टोरंट
क्षेत्र में तारों का जाल
मंटोला क्षेत्र में बिजली के तार हादसे का सबब बने हुए हैं। सिर पर मानो मौत मंडराती दिखती है। नंगे तारों का जाल फैला हुआ है। संकरी गलियों में तार इस तरह से गुथे हुए हैं कि इनमें आए दिन स्पार्किंग होती रहती है। बता दें कि मंटोला क्षेत्र में फोम के गोदाम भी हैं। ऐसे में किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। इस क्षेत्र में कई बार केबल अंडरग्राउंड करने की कोशिश की जा चुकी है लेकिन विरोध के चलते हर बार काम रोकना पड़ा है। हालांकि मंटोला के अधिकांश क्षेत्र में केबल अंडरग्राउंड हो चुकी है। थाने के सामने वाला क्षेत्र ही शेष रह गया है।