मथुरा रिफाइनरी से सौ करोड़ रुपये की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने में पुलिस लगी हुई है। आगरा और आसपास के जिलों में उसकी आलीशान कोठियां, बैंक्वेट हॉल, होटल हैं। पुलिस तेल कारोबारी की करोड़ों की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में है। इसके लिए गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत प्रशासन से संपत्ति जब्त करने के लिए लिखा जाएगा। अगर आरोपी कारोबारी पुलिस के हाथ नहीं आता है तो कोर्ट में उसकी अचल संपत्ति को कुर्क करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।
कारोबारी की दो आलीशान कोठियां, एक नेहरू नगर और दूसरी सोरों कटरा शाहगंज में है। 14 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से सात पेट्रोल पंप आगरा, तीन एटा, तीन मथुरा, एक फिरोजाबाद, चार होटल, चार बैंक्वेट हॉल शामिल हैं। शहर में भगवान टाकीज चौराहा, जीवनी मंडी, ईदगाह और शाहगंज क्षेत्र में होटल हैं।
मास्टरमाइंड के 10 से अधिक खाते विभिन्न बैंक शाखाओं में हैं। इनमें करोड़ों रुपये की नगदी जमा है। बैंक खातों का ब्योरा भी तैयार कर लिया गया है।
मारुति एस्टेट में चल रहा पेट्रोल पंप
आगरा। शहर में मनोज गोयल के चल रहे ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर तालाबंदी हो चुकी है। मारुति एस्टेट स्थित पेट्रोल पंप पर अब भी पेट्रोल डीजल की बिक्री की जा रही है। बताते हैं कि इस पंप में उसका रिश्तेदार पार्टनर है। जल्द ही उसके सभी पेट्रोल पंपों पर सील लगाई जा सकती है।
हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे लेने की फिराक में मनोज गोयल
आगरा। सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल की गिरफ्तारी में पुलिस ढिलाई कर रही है। उसके छिपने के ठिकानों पर दबिश के नाम पर भी खानापूर्ति ही की जा रही है। चर्चा है कि उसे हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे लेने का मौका दिया जा रहा है। इसकी खबर अधिकारियों को भी है। इसके बावजूद पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में नहीं गई है। मनोज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस शुरू से ही ढिलाई बरत रही है। हरीपर्वत क्षेत्र स्थित उसके घर पर दो दिन बाद पुलिस गई थी। उसमें भी विदेशी शराब बरामद करके लौट आई थी। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मनोज अरेस्ट स्टे लेने की जुगत में है। बता दें, पुलिस ने उसका पासपोर्ट निलंबित कराने के लिए रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को रिपोर्ट भी नहीं भेजी है। पासपोर्ट के सहारे उसके विदेश भागने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी है। उसके पेट्रोल पंप और स्कूल भी हैं। वहां पर वह छिप सकता है। इसके बावजूद इन ठिकानों पर भी पुलिस ने कोई दबिश नहीं दी।
एफआईआर के बाद स्मारक के सामने बनाया होटल
आगरा। मथुरा रिफाइनरी से सौ करोड़ रुपये की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल ने अपने रसूख और दौलत के बूते कानून की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। एएसआई स्मारक के 100 मीटर दायरे के अंदर भगवान टाकीज के ठीक सामने उसने धड़ल्ले से होटल बनवाया, जबकि एएसआई ने एफआईआर भी दर्ज करा रखी है। एडीए, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की शह पर न केवल होटल बना, बल्कि कोई कार्रवाई तक नहीं की गई।
लाल ताजमहल के नाम से चर्चित आरसी सिमेट्री एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) से संरक्षित स्मारक है। इसके ठीक सामने मनोज गोयल ने नीचे दुकानें और ऊपर जीएल पैलेस होटल का निर्माण कराया। तब सिकंदरा सर्किल के संरक्षण सहायक ने निर्माण रोकने के नोटिस के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। काम रुकवाने के लिए कई बार प्रशासन और पुलिस को पत्र भी लिखे। स्मारक के 100 मीटर निषिद्ध क्षेत्र में अब यहां होटल जीएल पैलेस संचालित हो रहा है।
एनओसी के बिना पेट्रोल पंप कर दिया था चालू
भगवान टाकीज के ठीक सामने मनोज गोयल ने जीएल पैलेस होटल बनाया है। इससे सटी जमीन पर ही उसने इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप खोला था। संरक्षित स्मारक आरसी सिमेट्री (लाल ताजमहल) के 100 मीटर दायरे के अंदर होने के कारण यहां एनओसी मिलना नामुमकिन था लेकिन मनोज ने रसूख के बूते पेट्रोल पंप आवंटित करा दिया, लेकिन बाद में एनओसी न मिलने और कई अनियमितताओं पर इंडियन आयल ने पेट्रोल पंप निरस्त कर बंद करा दिया था।