सौ करोड़ की तेल चोरी के मास्टरमाइंड मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों को आपूर्ति विभाग ने नोटिस जारी किया गया। इसमें पूछा गया है कि पिछले एक साल में कितना डीजल और पेट्रोल खरीदा गया और कितना बेचा गया। इससे पता चलेगा कि चोरी का तेल कैसे खपाया गया है।
विभाग ने एस्सार कंपनी के एरिया मैनेजर नितिन जायसवाल को भी नोटिस जारी किया है। उनसे पूछा गया है कि पिछले एक साल में इन पंपों का कितनी बार निरीक्षण किया, इस दौरान वहां अनियमितताएं मिलीं या नहीं। अगर मिलीं तो क्या, उनका पूरा ब्योरा देना होगा। निरीक्षण रिपोर्ट की फोटो कापी मांगी गई है। नोटिस डीएसओ की ओर से दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
बता दें, मथुरा पुलिस ने तेल चोरी के खुलासे में बताया था कि रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंध लगाकर चोरी किया गया तेल पंपों पर भी बेचा गया है। इनमें मनोज गोयल के पंप भी शामिल हैं। एस्सार कंपनी की ओर से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है जिसमें चोरी का तेल बेचे जाने की बात हो।
शपथ पत्र भी जांच के घेरे में
आगरा। मनोज गोयल ने वर्ष 2016 में एक पंप के लिए एडीएम वित्त के यहां से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इसके आवेदन के साथ उसने शपथ पत्र दिया है। इसमें कहा गया था कि उसके खिलाफ कोर्ट में कोई केस नहीं चल रहा है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसने गलत जानकारी दी है। उसके खिलाफ पहले से केस दर्ज हैं।
ये हैं पेट्रोल पंप
- लश्करपुर, गांधी नगर बाईपास रोड स्थित झलक फ्यूल्स रिटेल आउटलेट,
- तोता का ताल, लोहामंडी में वैष्णो फ्यूल रिटेल आउटलेट।
- फतेहपुर सीकरी रोड, किरावली में कृषि सेवा केंद्र रिटेल आउटलेट।
- मघटई बोदला रोड पर सूर्यम फ्यूल्स रिटेल आउटलेट।
- मुगल रोड, कमला नगर में मनु फ्यूल्स रिटेल आउटलेट।
- नवलगंज, नुनिहाई स्थित एमजी फ्यूल्स रिटेल आउटलेट।
- छलेसर स्थित एमजी छलेसर फ्यूल्स रिटेल आउटलेट ।