आगरा के एत्माद्दौला स्थित पावर हाउस कालोनी में सोमवार को सुबह छह बजे विद्युत विभाग के कर्मचारी को गोली मार दी गई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी दशा गंभीर बनी हुई है। गोली मारने का आरोप घायल के छोटे भाई पर ही है। वह पिता की मौत के बाद बड़े भाई की विद्युत विभाग में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी लगने से खफा था। इसको लेकर घर में झगड़े भी होते थे।
बताया गया है कि आगरा की पावर हाउस कालोनी के रहने वाले छेंदालाल की दो साल पहले मौत हो गई थी। वह विद्युत विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनके तीन बेटे कुलदीप, प्रदीप और नीतेश हैं। विद्युत विभाग में मृतक आश्रित कोटे में एक साल पहले प्रदीप की नौकरी लग गई।
पुलिस की पूछताछ में परिवारीजनों ने बताया कि प्रदीप का छोटा भाई नीतेश भी नौकरी करना चाहता था। मगर, उसकी नौकरी नहीं लग सकी। इससे वह खफा है। आए दिन रुपयों की मांग करता है।
तीन दिन से नीतेश 3500 रुपये प्रदीप से मांग रहा था। प्रदीप ने रुपये देने से इनकार कर दिया। रविवार रात को भी दोनों भाइयों में झगड़ा हो गया। सोमवार सुबह प्रदीप अपने कमरे में सो रहा था। तभी नीतेश आया।
उसने अचानक तमंचे से फायर कर दिया। गोली प्रदीप के पेट में जा लगी। वह घायल हो गया। उसकी चीखपुकार सुनकर बड़ा भाई कुलदीप आ गया। उसने नीतेश को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। कुलदीप ने मुकदमा दर्ज कराया है।
मुझे मिलनी चाहिए थी नौकरी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी नीतेश बताया कि मां सरला ने उसे बताया था कि पिता की इच्छा थी कि मृतक आश्रित कोटे में उसकी नौकरी लगे। मगर, बड़ा भाई नौकरी करने लगा। इतना ही नहीं मां ने प्रदीप के खाते में ही 2.40 लाख रुपये जमा करा दिए।
तीन महीने पहले मां की भी मौत हो गई थी। भाई एक भी रुपया उसको नहीं दे रहा था। शादी भी करना नहीं चाहता था। वह 3500 रुपये उधार मांग रहा था। कुछ दिन बाद लौटाने के लिए बोल दिया था।
उसका कहना था कि वह भाइयों से प्यार करता है। बड़े भाई की शादी हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं। प्रदीप को वह गोली नहीं मारना चाहता था, बल्कि डराना चाहता था। मगर, किसी तरह से गोली चल गई। एक व्यक्ति से तमंचा लेकर आया था।