मथुरा के एक स्कूल की प्रधानाचार्य की हत्या में नामजद युवक का शव रिपोर्ट लिखे जाने के कुछ ही देर बाद रेलवे ट्रैक के किनारे में मिला। शव के कई टुकड़े हो चुके थे। माना जा रहा है कि हत्या के मामले में नामजद होने के बाद युवक ने आत्महत्या की है।
प्रधानाध्यापिका अनीषा सिंह की हत्या में नामजद होने के कुछ ही घंटे बाद कोचिंग संचालक इंद्राज गुर्जर ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। इंद्राज का शव दिल्ली-आगरा रेल मार्ग पर बाजना पुल के पास छह टुकड़ों में मिला है। बताया जा रहा है कि इंद्राज दिल्ली से आने वाली ट्रेन के आगे खड़ा हो गया था। आधार कार्ड और पैन कार्ड से उसकी शिनाख्त की गई।
फरह ब्लाक के गांव बेरी में स्थित कृषक जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका अनीषा सिंह (35) की रविवार को बेरहमी के साथ हत्या कर दी गई थी। अनीषा सिंह मूलत: चित्रकूट के गांव महाराजपुर की रहने वाली थी और मथुरा में महोली रोड पर स्थित वेस्ट प्रताप नगर में किराये के मकान में रह रहीं थीं।
उसी मकान में उसके सिर और चेहरे पर किसी भारी चीज से वार करके हत्या की गई। पुलिस ने अनीषा सिंह के शव के पास से ही एक पत्र भी बरामद किया था जो इंद्राज गुर्जर का था। इंद्राज गुर्जर शेरगढ़ के गांव खुरसी का रहने वाला था और मथुरा के कंकाली इलाके में सिगमा के नाम से कोचिंग सेंटर चलता था।
इंद्राज ने पत्र में अनीषा को अपनी पत्नी बताया था। चरित्र पर शक होने पर उसने उसकी हत्या करने की बात लिखी। सोमवार को चित्रकूट से पहुंचे अनीषा के परिवार वालों ने इंद्राज गुर्जर के नाम से मिले पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि अनीषा की तो शादी हुई ही नहीं थी।