विवादित जमीन के मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम सुरेंद्र कुमार की कोर्ट में अपना पक्ष रखने पहुंचे एक पक्षकार को टेबल पर घूंसा मारना महंगा पड़ गया। पक्षकार की इस हरकत पर मजिस्ट्रेट ने उसे हिरासत में भेज दिया। बाद में पांच लाख का मुचलका भरने पर ही उसे जमानत दी गई।
बताया गया है कि आगरा डायस का सिकंदरा क्षेत्र में एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। विवादित जमीन पर बृजेंद्र लाल ने ढाबा बना लिया है। मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद भी यहां निर्माण किया जा रहा था। तब आगरा डायस की ओर से जिलाधिकारी के यहां शिकायत की गई थी। इस पर एसीएम प्रथम गुरुवार को जांच करने पहुंचे थे।
यहां बृजेंद्र लाल और आगरा डायस के पदाधिकारियों ने जमीन पर अपना-अपना दावा पेश किया। मौके पर मामला सुलझा नहीं। उन्होंने शुक्रवार को दोनों पक्षकारों को कोर्ट में बुलाया था। दोपहर लगभग एक बजे वह सुनवाई कर रहे थे। मजिस्ट्रेट ने दोनों को अपने-अपने कागजात दिखाने को कहा।
इस पर बृजेंद्र लाल भड़क गया। उसने ताव में आकर मजिस्ट्रेट की मेज पर घूंसा मार दिया। मजिस्ट्रेट का पारा हाई हो गया। उन्होंने तत्काल पुलिस को कोर्ट में बुला लिया। शांति भंग के आरोप में थाना नाई की मंडी पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पांच लाख का मुचलका भरवाने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया।