अपर जिला जज मयंक कुमार जैन ने सेना के लांस नायक और क्रिकेटर अमित गोत्रा हत्याकांड के चार आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बता दें, छह जुलाई 2007 को एत्मादपुर के गांव गढ़ी गज्जू के मुन्नालाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव से जब वह जंगल की ओर आया तो सड़क पर 25 वर्षीय युवक की लाश पड़ी मिली। लाश के करीब मोटरसाइकिल और हेलमेट पड़ा था। शव की शिनाख्त तत्कालीन ब्रिगेडियर वीके झा ने 50 (स्वतंत्र) पैराशूट ब्रिगेड के सिग्नल कंपनी केयर ऑफ 56 आर्मी पोस्ट आफिस में तैनात अमित गोत्रा के रूप में की। उनकी हत्या करके लाश फेंकी गई थी।
विवेचना में आदर्श नगर, अर्जुुन नगर निवासी राज चौधरी उर्फ नीतू और नीरज शर्मा, गढ़ी बच्ची एत्मादपुर निवासी शुभम बघेल, नरेठा हाथरस निवासी राजू उर्फ राजकुमार और मानवेंद्र उर्फ मानू के नाम प्रकाश में आए। मुकदमे के दौरान मानू की मृत्यु हो गई।
मुकदमे के गवाह प्रेम सिंह ने अभियुक्तों को मृतक (अमित) के साथ घटना वाले दिन साथ देखा था। दूसरे गवाह ने भी मिलिट्री कैंटीन में बातचीत करते सुना था। अभियुक्त शुभम की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का पर्स और मोबाइल बरामद किया था। अभियोजन की ओर से 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
आर्मी की ओर से पैरवी उपेंद्र मिश्रा एवं अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी महेंद्र बंसल ने की। बंसल ने बहस में कहा कि मृतक सेना का लांस नायक था। उसका 20-20 क्रिकेट टीम में चयन हो गया था। उसकी हत्या पूरे प्रदेश के लिए अपूर्णनीय क्षति है। हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1.05 लाख रुपये के जुर्माने में से आधी धनराशि मृतक के पिता को दिए जाने के आदेश दिए।
फूट-फूटकर रोईं मां
फैसला सुनाए जाने के बाद अमित की मां चंद्रकांता फूट-फूटकर रो पड़ीं। पिता सत्यपाल और भाई विकास की आंखें भी भर आईं। इन लोगों के जख्म फिर से ताजा हो गए।
सैन्यकर्मी पहुंचे फैसला सुनने
कोर्ट में शुक्रवार को पूरे दिन अमित के परिवारीजनों के अलावा सेना के 20 कर्मचारी मौजूद रहे। जब अमित का परिवार रोने लगा तो इनकी आंखें भी नम हो गई।
20-20 क्रिकेट में
हो गया था चयन
गोवा के रहने वाले अमित के पिता सत्यपाल गोत्रा रिटायर्ड सूबेदार हैं। उन्होंने बताया कि अमित बचपन से ही आर्मी में जाना चाहता था। वह तीन भाइयों में बड़ा था। मंझला संदीप दुबई में जॉब करता है। छोटा विकास फैशन डिजाइनर है। सेना में भर्ती से पहले ही उसने क्रिकेट में नेशनल तक खेला था। वह अच्छा क्रिकेटर था। 20-20 क्रिकेट टीम में उसका चयन हो चुका था। श्रीलंका में होने वाले मैच के लिए उसे पत्र भी मिल चुका था। पासपोर्ट वगैरह बनवाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच उसकी हत्या कर दी गई।
इसलिए हुई थी हत्या
आगरा। अमित गोत्रा की शुचिता नाम की युवती से शादी पक्की हो गई थी। सगाई हो चुकी थी। अभियुक्त राज चौधरी ने उससे कहा था कि वह उसके साथ सगाई तोड़ दे, चाहे तो इसकी एवज में पैसे ले ले। अमित ने साफ मना कर दिया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।