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ऐश काटने के लिए बनाया गैंग ऑफ फ्रेंड्स

Thu, 23 Mar 2017 12:57 AM IST
ऐश काटने के लिए बनाया गैंग ऑफ फ्रेंड्स
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ऐश काटने के लिए बनाया गैंग ऑफ फ्रेंड्स - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विभव नगर लूटकांड में पकड़े गए चार आरोपियों में अकेला हेमंत है जो पढ़ रहा है। डेनियल, तुफैल और बबुआ का पढ़ाई लिखाई से कोई वास्ता नहीं है। सिर्फ मटरगश्ती करते हैं। दिन भर बाइक पर घूमते हैं। महंगे मोबाइल इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए जरूरत होती है पैसे की। पैसे का इंतजाम गलत तरीकों से करते हैं। क भी हेमंत जैसे किसी रईस दोस्त से पैसा लेते हैं तो कभी किसी से उधार लेकर चुकाते नहीं। मौज मस्ती के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। ऐश के लिए ही लूट की। इसके लिए पूरा गैंग तैयार किया।
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हेमंत भी गलत रास्ते पर चल पड़ा। दोस्तों से साथ बीयर पार्टी करता है। डेनियल ने उसे कई बार और भी नशे कराए हैं। कई बार फार्म हाउस पर भी पार्टियां अटेंड की हैं। इनमें पैसे को पानी की तरह बहाया है। सारा पैसा घर से ही ले रहा था। उसे मालूम था कि घर में लाखों का कैश रहता है। कई दिन से तो रोजाना लाखों रुपये आ रहे थे। इसी को देखकर उसके दिमाग में लूट का आइडिया आ गया। उसने डेनियल को बताया। उसने मना नहीं किया। बोला, एक ही बार में महीनों का काम हो जाएगा। वह तुफैल और बबुआ को जानता था। उनकी हेमंत से मुलाकात कराई। फिर तीन दिन लूट का प्लान तैयार किया।

तुफैल के घर किया रकम का बंटवारा
तुफैल और डेनियल लूट के बाद बबुआ के पास पहुंचे। वहां से तीनों ऑटो से तुफैल के घर पहुंचे। यहां आठ लाख में से दो-दो लाख तीनों ने बांट लिए। दो लाख 26 हजार हेमंत के लिए छोड़ दिए। चार हजार रात में बीयर पार्टी में उड़ा दिए। डेनियल लूट के लिए पीठ पर बैग बांधकर गया था। इसे जला दिया।
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खुलासे से सन्न रह गया हेमंत का परिवार 
हेमंत के परिवार ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वारदात का ऐसा खुलासा हो सकता है। हेमंत का नाम आने के बाद इन लोगों का हाल और बेहाल हो गया। उसके पकड़े जाने के बाद पूरा परिवार गुमसुम बैठा है। घर पर लोगों का तांता लगा है।

तीन लाख में किया था तीन पेपरों का सौदा
आगरा। पुलिस की जांच में आया कि हेमंत ने यह लूट सिर्फ मौज मस्ती के लिए नहीं करवाई थी। उसका एक मकसद 12 वीं की परीक्षा में अंक खरीदने का भी था। उसके एक दोस्त ने उससे कहा था कि वह एक -एक लाख में तीन पेपर सेट करा देगा। वह जितने चाहेगा, उतने अंक मिल जाएंगे। हेमंत को उम्मीद थी कि 28 लाख में उसके हिस्से सात लाख आएंगे। तीन लाख पेपर पर खर्च कर देगा, चार लाख में ऐश करेगा। हेमंत सीबीएसई बोर्ड की 12 वीं की परीक्षा दे रहा है। वह शहर के प्रमुख स्कूल में पढ़ता है लेकिन पढ़ाई में कमजोर है। दो पेपर हो चुके हैं। दोनों खराब गए थे। उसे रिजल्ट बिगड़ने की आशंका थी। परिवार के लोग पहले से ही उससे नाराज रहते थे क्योंकि वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं देता था। इसलिए उसने प्लान बनाया कि बगैर मेहनत किए अंक मिल जाएंगे, परिवार भी खुश हो जाएगा और इतने पैसे मिल जाएंगे कि वह ऐश भी कर सकेगा। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है। मालूम किया जा रहा है कि वह कौन सा टीचर है जिसे वह तीन लाख रुपये देने जा रहा था।

सीरियल देखकर बनाया प्लान
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हेमंत और डेनियल से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों अपराध पर आधारित सीरियल बहुत देखते हैं। इन्हें देखकर उनके दिमाग में अपराध करने के आइडिए आए। इनमें से लूट का तरीका चुन लिया। जिस एपिसोड को देखकर लूट का प्लान बनाया, उसमें आखिर में यह भी दिखाया था कि यह फेल हो गया था और लुटेरे पकड़े गए थे। इसके बावजूद वैसे ही प्लान पर काम किया। उन्हें पकड़े जाने की उम्मीद नहीं थी।
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सुराग:1- सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के साथ हेमंत के नजर आने से पुलिस को क्लू मिला।
सुराग:2- हेमंत ने कहा था कि बदमाशों ने उसे तमंचे की बट मारी, जबकि उसे सिर्फ थप्पड़ मारा गया था।
सुराग:3- हेमंत के दोस्तों से पता चला कि वह बिगड़ैल किस्म का है, बीयर पार्टियों में जाता है।
सुराग:4- पुलिस को पता चला कि हेमंत कई दिनों से घर के कैश और चाभियों की जानकारी कर रहा था।
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