फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकर के साथ खुलेगा विमला के मायके का राज

Thu, 02 Mar 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विमला का मायका भले ही अभी तक पहेली बना हुआ हो लेकिन यह राज ज्यादा दिन पर्दे में नहीं रह पाएगा। पुलिस जल्द ही उनके बैंक का लॉकर खुलवाएगी। इसके लिए उनके भतीजे श्यामकांत अग्रवाल के इलाहाबाद से दोबारा आगरा आने का इंतजार है। उम्मीद है कि लॉकर के साथ ही विमला की जिंदगी के कई राज खुल जाएंगे। उनके शैक्षणिक और नौकरी संबंधी दस्तावेज घर पर नहीं मिले थे। वीना की मार्कशीट और डिग्रियां भी बरामद नहीं की जा सकीं हैं। माना जा रहा है कि इन सभी को लॉकर में रखा गया होगा।
विज्ञापन

अभी तक स्कूल के रिकार्ड से सिर्फ इतनी जानकारी मिली है कि विमला के पिता गोपाल दास अग्रवाल थे। वह रावतपाड़ा में रहते थे। यह रिकार्ड 1955 का है। तब से अब तक रावतपाड़ा काफी बदल चुका है। पुलिस रावतपाड़ा जाकर कई लोगों से पूछताछ कर चुकी लेकिन गोपालदास का मकान नहीं मिल पाया है।
ऐसे में पुलिस को और डिटेल की जरूरत है। यह विमला के शैक्षणिक और नौकरी के दस्तावेज से मिल सकती है। इसमें घर का पता भी हो सकता है। बता दें, विमला और उनके बेटी वीना के शव अर्जुन नगर में घर में पड़े मिले थे। विमला के शव का तो कंकाल बन गया था। मकान मालिक वीरेंद्र चाहर भी उनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस को उम्मीद है कि लॉकर में ही तमाम कागजात मिलेंगे। इसके लिए उनके भतीजे श्यामकांत के इलाहाबाद से लौटने का इंतजार है। वह दो दिन पहले आए थे। वीना के शव का दाह संस्कार करके वापस चले गए। वहां उनके रिश्तेदार का निधन हो गया था। वह कह गए थे कि लॉकर खुलवाने के लिए जल्द ही आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें