मलपुरा के गांव संगुनापुर में 14 जून 2014 को की गई दुग्ध विक्रेता एदल सिंह की हत्या के मामले में नामजद सभी छह आरोपी दोष सिद्ध पाए गए। अपर जिला जज सुभाष चंद्र ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन्हें तीन लाख रुपये अर्थदंड में देना होगा।
थाना मलपुरा में रिपोर्ट एदल सिंह के भाई खरग सिंह ने दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह देर शाम छह बजे दूध बेचकर आ रहा था। साथ में उसका भाई एदल सिंह भी था। रास्ते में छह लोग पहले से घात लगाकर बैठे थे। इन लोगों ने हत्या की योजना बना रखी थी। इनसे पहले से रंजिश चली आ रही थी।
इसी के चलते खूनी साजिश रची गई। आरोपियों में राकेश सिंह, गौरीशंकर, हरिश्चंद्र, किशोर सिंह, रघुवीर, तोता उर्फ रनवीर शामिल हैं। इनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सभी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। आरोप था कि इन्होंने एदल सिंह को पहले गोली मारी। इसके बाद जब वह लहूलुहान होकर नीचे गिर गए तो उन्हें धारदार हथियारों से काट डाला। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
अभियोजन की पैरवी एडीजीसी राजवीर सिंह, धर्मेन्द्र शर्मा और मनीष पाठक ने की। बचाव पक्ष से अधिवक्ता अभय पाठक, विजय आहुजा, श्याम परिवार रहे।
27 साल से चल रही रंजिश
आगरा। एदल सिंह और आरोपियों के परिवारों के बीच 27 साल से रंजिश चली आ रही है। एदल सिंह के पिता की भी हत्या की गई थी। तभी से रंजिश शुरू हुई थी। इसके बाद आरोपी पक्ष से भी हत्या हुई। इसमें खरग सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया था। आरोपियों का इरादा उसकी भी हत्या करने का था। लेकिन वह बच निकला था।