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तमिलनाडु की तर्ज पर जमा कराए जाएंगे लाइसेंसी असलाह

Fri, 30 Sep 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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चुनाव आयोग की सख्ती, कारतूसों का भी हिसाब लेगी पुलिस - फोटो : Getty
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अगर आपके पास लाइसेंसी असलाह है तो जल्द ही पुलिस इसका सत्यापन करने के लिए आपके घर पर दस्तक दे सकती है। चुनाव आयोग ने इसके निर्देश दिए हैं। इसमें यूनीक कोड के अनुसार देखा जाएगा कि आपके पास किस असलाह का लाइसेंस है, आप उसे इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, साथ ही कारतूसों का भी पूरा हिसाब लिया जाएगा। चुनाव आयोग इस बार चुनाव में तमिलनाडु की तर्ज पर लाइसेंसी असलाह जमा कराना चाहता है। वहां पिछले चुनाव में 95 फीसदी तक असलाह जमा कराए गए थे।
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आगरा की बात करें तो यहां लगभग 42000 लाइसेंसी असलाह हैं। पिछले चुनावों में पुलिस 70 फीसदी भी जमा नहीं करा पाई। लोगों ने तरह-तरह के बहाने बनाकर असलाह जमा नहीं कराए। इस बार चुनाव आयोग सख्ती के मूड में है।
पिछले दिनों पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ हुई मीटिंग में असलाह का मुद्दा छाया रहा था। इसके बाद चुनाव आयोग ने आईजी, डीआईजी, एसएसपी और डीएम को निर्देश भी जारी कर दिए।  डीआईजी अजय मोहन शर्मा इसकी मानीटरिंग करा रहे हैं कि पुलिस कितनी गंभीरता से इनका पालन कर रही है । 
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि 12 बिंदू पर रिपोर्ट मांगी गई है। इसे तैयार करने के लिए पुलिस जल्द ही लाइसेंसी असलाह धारकों के घर जाकर सत्यापन अभियान शुरू करेगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि असलाह का गलत इस्तेमात तो नहीं किया जा रहा। ऐसे कितने मामले हैं जिनमें अपराध में लाइसेंसी असलाह इस्तेमाल किए गए। ऐसे लाइसेंस निरस्त किए गए या नहीं, अगर नहीं तो क्या वजह रही।
इसमें हर्ष फायरिंग करने वाले लोग फंस सकते हैं। दरअसल, लोग त्योहारों, शादियों और अन्य खुशी के मौकों पर गोली चलाते हैं। अब पुलिस कारतूसों का हिसाब मांगेगी तो जवाब देना मुश्किल होगा।

सिक्योरिटी गार्ड को मिल सकती है छूट
आगरा। चुनाव आयोग असलाह जमा कराने के लिए जोर दे रहा है। चुनाव अभी दूर हैं लेकिन तैयारी अभी से कराई जा रही है। इसमें तमिलनाडु का मॉडल अपनाने पर जोर दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के चुनाव में असलाह जमा कराने से दो तरह के लोगों को छूट मिली थी। एक तो वे जो बैंक वगैरह में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। दूसरा वे लोग, जिनकी गवाही होनी हो और उनकी जान को खतरा हो।
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