सिकंदरा से अगवा वैन चालक राजेंद्र मोहन की वैन लूटने के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव दो दिन पहले थाना रुपवास के गांव खेरिया बिल्लोच मेें मिला था। राजस्थान पुलिस ने शिनाख्त नहीं होने पर शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। गुरुवार को परिवारीजन थाना रुपवास पहुंचे। उन्होंने कपड़ों और फोटो से पहचान कर ली। घटना की जानकारी पर सिकंदरा पुलिस भी पहुंच गई। परिवार में कोहराम मच गया है।
बता दें, ककरैठा, सिकंदरा निवासी राजेंद्र मोहन (41) आटो चलाते थे। तीन दिसंबर को राजेंद्र के पास किसी व्यक्ति का फोन आया था। उसने कहा था कि मरीज को फतेहपुर सीकरी ले जाना है। इस पर राजेंद्र घर से निकल गया था। इसके बाद से उनका पता नहीं चल सका। परिवारीजनों ने थाना सिकंदरा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने बताया कि परिवारीजनों ने राजपुर चुंगी की राहुल ट्रेवल एजेंसी के संचालक बंटी पर राजेंद्र को अगवा करने का शक जताया था।
इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उसकी अंतिम लोकेशन भी फतेहपुर सीकरी में आई थी। पुलिस पूछताछ में उसने अपने साथी टीन का नगला निवासी जतिन और एक अन्य के साथ राजेंद्र की हत्या की बात कबूल कर ली। जतिन ने ही वैन लूटने की प्लानिंग की थी। उसने बंटी को 30 हजार रुपये का लालच दिया था। घटना वाले दिन जतिन और उसका साथी राजेंद्र को फतेहपुर सीकरी के गांव उंदैरा ले गए। बंटी बाइक से पहुंचा था। यहां पर राजेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी। शव नहर में फेंक दिया। पुलिस ने बंटी और जतिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब वैन बरामदगी के प्रयास में लगी है।
पुलिस की लापरवाही से आक्रोश
मृतक के भाई अरुण ने बताया कि पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही भरा रवैया अपनाया। उन्होंने ट्रेवल एजेंसी संचालक पर पहले दिन ही अगवा कर हत्या का शक जता दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद सख्ती से पूछताछ नहीं की। बुधवार को उसने हत्या की बात कबूल कर ली थी। इसके बावजूद नहर में शव तलाशने के प्रयास नहीं किए गए। पुलिस की लापरवाही से आक्रोश है।
परिवार में मचा कोहराम
राजेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वह तीन भाइयों में मझला था। घटना का पता चलने पर मृतक की पत्नी संगीता की हालत बिगड़ गई। परिवारीजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला। मृतक के एक बेटा और एक बेटी है।