आगरा में एलआईसी के प्रशासनिक अधिकारी धर्मेंद्र उपाध्याय के बेटे अर्पित को बदमाश यूं ही छोड़कर नहीं भागे। अर्पित के मोबाइल की लोकेशन से यह साफ हो गया है कि बदमाश शहर के रास्तों से पूरी तरह अनजान थे।
इसी कारण से वो चार घंटे तक शहर और आसपास ही भटकते रहे। आखिर में खंदौली के मुड़ी चौराहा पहुंचे, वहां पुलिस को देखकर ऐसे डरे कि गाड़ी को खेत में घुसा दिया। एक घंटे तक दूर खड़े होकर आती जाती पुलिस को देखते रहे। इसके बाद वहां से भाग गए।
पुलिस ने अर्पित से जानकारी ली है। उसके पास भाई अंशुमान का मोबाइल था। इसकी लोकेशन निकलवाई है। सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं। इसमें एक बदमाश दिखाई दे रहा है। इन सभी से साफ हुआ है कि बदमाशों की तैयारी पूरी नहीं थी।
शाम साते बजे हुई थी वारदात
एलआईसी अधिकारी का बेटा अर्पित
- फोटो : अमर उजाला
अपहरण प्रतापपुरा बाजार से सोमवार शाम सात बजे हुआ था। अर्पित को उसके पापा की नई कार के साथ तीन बदमाश ले गए थे। दो करोड़ की फिरौती वसूलने की बात कर रहे थे। पुलिस की चौकसी के चलते अर्पित को खंदौली क्षेत्र में छोड़कर भाग गए थे।
बदमाशों को नहीं मालूम था कि किस रास्ते से शहर से बाहर निकलना है। पहले पृथ्वीनाथ फाटक पहुंचे। इसके बाद बिचपुरी। तीसरे नंबर पर सिकंदरा। चौथे पर रामबाग की ओर गए। यहां से खंदौली के मुड़ी चौराहा पहुंचे। इस दौरान चार घंटे बीत चुके थे। देहात में भी पुलिस चेकिंग करने लगी थी।
गड्ढे में फंस गई थी गाड़ी, इसलिए छोड़ दी
खंदौली के मुड़ी चौराहा पर पहुंचे तो पीछे से पुलिस की जीप आ रही थी। बदमाश डर गए। थोड़ी दूरी पर रास्ता था, लेकिन डर के मारे गाड़ी खेत में घुसा दी। गाड़ी गड्ढे में फंस गई, निकल नहीं पाई। इसे छोड़ गए।
अर्पित के हाथ-पांव बांध दिए थे। खेत में डाल दिया था। एक घंटे तक दस दस मिनट के बीच आकर देखते रहे लेकिन पुलिस का आवागमन बंद नहीं हुआ। इसके बाद भाग गए। तब अर्पित ने हाथ पांव के बंधन खोले।
पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में कैद हुआ बदमाश
बदमाश साढ़े आठ बजे हाथरस रोड पर थे। यहां भाटिया पेट्रोल पंप पर गाड़ी में तेल डलवाया। इस दौरान एक बदमाश गाड़ी से उतरा था। वो पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। पुलिस को फुटेज मिल गया है।