कासगंज रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को आरपीएफ जवान ने लोको पायलट की पिटाई कर दी। इससे गुस्साए रेलकर्मियों ने चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते सभी ट्रेन स्टेशन पर ही खड़ी हो गईं। घटना की सूचना अन्य डिवीजन में फैलते ही बड़े आंदोलन की तैयारी होने लगी। कासगंज बरेली रेल मार्ग पर करीब चार घंटे यातायात ठप रहा।
आरोप है कि आरपीएफ जवानों ने लोको पायलट प्रेम प्रभाकर और पायलट आरके त्रिपाठी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद पायलटों ने डीजल लॉबी में ट्रैफिक कंट्रोलर को बंद कर दिया। इससे कनेक्टिविटी फेल हो गई। कासगंज में आरपीएफ थाने पर रेल कर्मियों ने पथराव भी कर दिया। कासगंज डिवीजन की हड़ताल के बाद मथुरा, बरेली और कानपुर ट्रैक की गाड़ियां भी जहां की तहां रोक दी गईं।
बाद में आरोपी आरपीएफ जवान विक्रम सिंह और शिवकुमार को आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरके मीना ने निलंबित कर दिया। चक्का जाम होने से ट्रेन में बैठे यात्री परेशान रहे। कई बीमार यात्रियों की हालत बिगड़ गई।
बताया गया है कि आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस ने डीजल लॉबी का ताला तोड़ने की भी कोशिश की जिससे गाड़ियों का संचालन शुरू हो सके। इस पर रेलकर्मी और भड़क गए और पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। रेल कर्मियों ने आरोपी जवानों को बर्खास्त करने की मांग की है। हालांकि आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।