शाहगंज के सराफ हरिकिशन ने लोगों को मोटी ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। इसके बाद खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। घर और दुकान का सौदा कर दिया। इसकी भनक लगने पर लोगों ने थाना शाहगंज में हंगामा किया। पुलिस ने सराफ और उसके दो बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने सराफ के एक बेटे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
आनंदपुरम निवासी हरिकिशन की शाहगंज सराफ बाजार में हरिकिशन ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। लोगों ने थाने में तहरीर के मुताबिक, सराफ हरिकिशन, उसके बेटे मुकेश और हरेश लोगों से रकम लेते थे। इसके एवज में हर महीने डेढ़ से दो फीसदी की ब्याज देने की बात कहते थे। इस पर लोगों ने भरोसा करके अपनी जमा पूंजी उनको दे दी। इसकी एक पर्ची भी दी जाती थी। इसी तरह सराफ पिता-पुत्रों ने तकरीबन 150 से 200 लोगों से रकम जमा करा ली।
मारुति एस्टेट निवासी अर्जुन सिंह, उनकी बेटी रेनू और बेटे चंद्रपाल से 70 लाख रुपये, गीता शर्मा से 3.90 लाख और ज्वैलरी, बीधा नगर की सुधा से एक लाख रुपये सहित अन्य लोगों रकम जमा करा चुके हैं। इस तरह लोगों के करोड़ों रुपये उन पर जमा हैं। अर्जुन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी मुकेश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। फरार सराफ और उसके एक बेटे की तलाश की जा रही है। शाहगंज थाना के इंस्पेक्टर ने बताया कि यह 15 से 20 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला है। जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोठी खाली कराने आया युवक पकड़ा
पुलिस ने बताया कि सराफ ने अपनी कोठी और दुकान का सौदा कर दिया है। हालांकि परिवार अभी भी कोठी में रह रहा है। गुरुवार को एक युवक कोठी खाली कराने पहुंचा। मगर, वहां पर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस उस युवक को पकड़कर थाने ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है।
शैलेंद्र केस से भी नहीं लिया सबक
एटा जेल में बंद हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल ने भी इसी तरह मोटी ब्याज का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाया था। उसने करोड़ों की ठगी की। उसके खिलाफ 42 केस दर्ज हैं। पुलिसवालों तक को ठगा। इसके बावजूद लोगों ने सबक नहीं लिया। फिर से ब्याज के लालच में फंसने का केस सामने आ गया।
70 से ज्यादा लोगों ने दी है तहरीर
इंस्पेक्टर ने बताया कि सराफ पिता-पुत्रों के खिलाफ थाने में 70 से ज्यादा लोगों ने तहरीर दी है। इन तहरीर को एक ही मुकदमे में शामिल किया जाएगा। लोगों से रकम की पर्ची और अन्य दस्तावेज भी पुलिस का देने के लिए बोला गया है।
शास्त्रीपुरम में खरीदी थी जमीन
पुलिस को जांच में पता चला है कि सराफ ने शास्त्रीपुरम में जमीन खरीदी थी। इस पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया, लेकिन घाटा होने के कारण काम रोक दिया गया। इससे सराफ कर्ज मेें डूब गया है।
पहले भी भाग चुका है एक सराफ
शाहगंज के केदारनगर से लोगों के करोड़ों रुपये लेकर एक सर्राफ फरार हो गया था। इस मामले में लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने सराफ को मुंबई से गिरफ्तार किया था।
गहने जमा करके देता था कर्ज
लोगों के गहने जमा करके सराफ उन्हें कर्ज देता था। इसके एवज में उनसे ब्याज वसूलता था। अब यह सभी लोग अपने गहने वापस लेने के लिए भटक रहे हैं।