सुरेश वर्मा की दुकान और घर के बीच मात्र 200 मीटर का फासला है। वह घर
के नजदीक पहुंचे ही थे कि पल्सर सवार तीन बदमाशों ने उनकी बाइक को टक्कर
मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया। इसके बाद उनसे बैग छीनने लगे। उन्होंने बैग
नहीं छोड़ा, तो उन पर एक के बाद एक तीन गोलियां चला दीं। एक सिर को छूते
हुए निकल गई, एक कंधे में और एक छाती में लगी। फिर बदमाश बैग छीनकर भाग
निकले।
फायरिंग की आवाज सुनकर आए उनके परिवारीजन उन्हें पहले सीएचसी
फिर दिल्ली रोड के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां डाक्टर ने उन्हें मृत
घोषित कर दिया। सराफ परिवार के लोगों ने बताया कि बैग में लाखों के जेवरात
और नगदी थी। सूचना पर पहुंचे एसएसपी राजेश डी. मोदक ने बताया कि घटना के
पीछे रंजिश होने की जानकारी मिली है। सुरेश वर्मा का अपने कई रिश्तेदारों
से विवाद चल रहा था। इसमें मुकदमे भी दर्ज कराए गए लेकिन पुलिस लूट के
बिन्दु पर भी जांच कर रही है।
दामाद से चल रहा है विवाद, शक जताया
सराफ
सुरेश के बेटे दीपक ने बताया कि उसकी बहन सीता की शादी मथुरा के ओल निवासी
हरिओम से हुई थी। दहेज के लिए उत्पीड़न के चलते करीब दो साल से वह मायके
में है। हरिओम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। तभी से वह रंजिश मान बैठा
है। पूर्व में भी दो बार वह सुरेश पर हमला करा चुका था। इस बार भी उसी पर
शक है।