राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जवाहर पुल दोपहर में तीन घंटे के लिए बंद किया तो शहर का ट्रैफिक पटरी से उतर गया। दोपहर से शाम तक भीषण जाम लगा। शाहदरा चुंगी से जीवनी मंडी, यमुना किनारा मार्ग, वाटर वर्क्स चौराहा पर वाहनों की कतारें लग गईं। एमजी रोड भी जाम से अछूता नहीं रहा। ट्रैफिक पुलिस भी तब जागी, जब वाहन पूरी तरह फंस चुके थे।
जवाहर पुल पर दोपहर एक बजे से ही वाहनों को रोकने की मशक्कत ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई प्रशासन ने शुरू कर दी थी। बाद में गाड़ियां लगाकर दो बजे पुल पूरी तरह बंद कर दिया। इसकी जानकारी शाहदरा से आने वाले वाहन चालकों को नहीं हुई। रामबाग से वाहन नुनिहाई और अंबेडकर पुल व स्ट्रेची ब्रिज के लिए निकले। यहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। उधर, अंबेडकर पुल से भारी वाहनों की नो एंट्री में दोपहर तीन से पांच बजे तक की छूट दी गई। इससे हालात और बिगड़ गए।
शाहदरा चुंगी, ट्रांस यमुना कालोनी, जलेसर रोड, नुनिहाई, स्ट्रेची ब्रिज, अंबेडकर पुल, यमुना किनारा मार्ग और जीवनी मंडी पर भी सैकड़ों वाहन फंस गए। अधिकांश लोग रामबाग चौराहे से पैदल ही वाटर वर्क्स चौराहे पर पहुंचे। लोगों ने सुल्तानगंज की पुलिया, मोतीलाल नेहरू रोड और गांधी नगर, विजय नगर से निकलने की कोशिश की। इसके चलते शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी जाम लग गया। ट्रैक्टर, ट्रक और ट्रोला बड़ी संख्या में अंबेडकर पुल और जीवनी मंडी पर फंसे रहे। शाम को हालात बेकाबू होने पर पुलिस अधिकारियों ने एनएचएआई अधिकारियों से बात करके शाम पांच बजे के बाद पुल पर ट्रैफिक सुचारु करवाया, लेकिन तब तक हालात बिगड़ चुके थे।
फायदा नहीं नुकसान हुआ
अंबेडकर पुल पर नो एंट्री में दो घंटे की छूट केवल यमुना ब्रिज से लदान होने वाले भारी वाहनों के लिए दी गई थी, लेकिन बुधवार को शहर के बाहर से आने वाले भारी वाहनों ने इसका फायदा उठाया। इस कारण यातायात चरमरा गया और जाम लग गया।
-मनीष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, नेशनल चेंबर
अंबेडकर पुल पर दोपहर तीन से पांच बजे की नो एंट्री में छूट से शहर में जाम लग गया। इसका कारण जवाहर पुल पर ट्रैफिक रोकना रहा। जनता को परेशान नहीं होना चाहिए, भले ही ट्रांसपोर्टर्स को नुकसान उठाना पड़े। वीरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, ट्रांसपोर्ट चेंबर एसोसिएशन