डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ परीक्षा सहायक सतेंद्र सिंह
हत्याकांड के बाद सामने आए फीस के फर्जीवाड़े की पुलिस ने जांच शुरू कर दी
है। हरीपर्वत थाना पुलिस ने बुधवार को यूनिवर्सिटी पहुंचकर फीस का रिकार्ड
खंगाला। कई पन्ने पुलिस अपने साथ ही ले गई। इन्हें साक्ष्य के रूप में
कोर्ट के सामने रखा जाएगा।
सतेंद्र की हत्या की वजह यही फर्जीवाड़ा बताया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान परीक्षा विभाग के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। यह भी मालूम किया जाएगा कि बगैर फीस दिए कालेजों को लॉग इन कोड कैसे जारी किए गए? फीस में करीब एक करोड़ का फर्जीवाड़ा बताया जा रहा है। हत्यारोपी ओमेंद्र यादव को बी वारंट पर रिमांड पर लेने से पहले पुलिस यह जांच पूरी कर लेना चाहती है। जांच अधिकारी एवं सीओ हरीपर्वत ने बताया कि केस से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
22 और कर्मचारियों को नोटिस
आगरा। फर्जी मार्कशीट प्रकरण में यूनिवर्सिटी के 22 और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इन्हें एसआईटी के लखनऊ स्थित थाना जाकर बयान दर्ज कराना होगा। इनमें ज्यादातर 2004 से 2009 तक परीक्षा और बीएड विभाग में तैनात रहे कर्मचारी हैं। एसआईटी जल्द ही एक और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। इसके लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सात केस पहले से ही दर्ज हैं।