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एनएच-2 पर वाहन चालकों से अवैध वसूली

Fri, 04 Sep 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
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नेशनल हाईवे पर वाहन चालकों से अवैध वसूली जारी है। सरकारी आदेश के बावजूद हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान वाहन चालकों को रियायत नहीं दी जा रही है। उबड़-खाबड़ हाईवे पर भी पूरा टैक्स लिया जा रहा है।
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भारत सरकार के 16 दिसंबर 2013 के गजट के अनुसार, जब किसी फोर लेन हाईवे को सिक्स लेन किया जाएगा तो उसके निर्माण शुरू होने से लेकर खत्म होने तक 75 फीसदी टोल की वसूली की जाएगी। यानी हाईवे पर असुविधा को देखते हुए वाहन चालकों को 25 फीसदी छूट देने का प्रावधान था। मगर, एनएच-2 पर वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। बता दें कि एनएच-2 को भी फोर लेन से सिक्स लेन किया जा रहा है। दिल्ली से आगरा के बीच हाईवे की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं फ्लाई ओवर निर्माण का कार्य चल रहा है तो कहीं सड़क चौड़ीकरण। साइड की लेन को तोड़ दिया गया है। तो कहीं पुलिया निर्माण के लिए सड़क क्षतिग्रस्त कर दी है। ऐसी स्थिति में वाहन चालक बड़ी मुश्किल से वाहन चला पा रहे हैं। टोल टैक्स में कोई रियायत नहीं दी जा रही है। यह सब खेल एनएचएआई की आंखों के सामने हो रहा है।
हर आदेश ताक पर
हाईवे पर तमाम आदेशों को दरकिनार किया जा रहा है। गजट के अनुसार, हाईवे पर उसी सेक्शन पर और एक ही दिशा में 60 किमी की दूरी के भीतर कोई अन्य पथकर प्लाजा स्थापित नहीं करने का नियम है। जबकि फरह स्थित टोल प्लाजा और टूंडला पर बनाए गए टोल प्लाजा के बीच की दूरी इससे काफी कम है। इसके बावजूद एनएचएआई खुलेआम लोगों की जेब पर डाका डाल रहा है।
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ये है वसूली का आधार
वाहन        टैक्स की प्रति किमी की दर (रुपये)
कार, जीप या हल्के मोटर वाहन    0.65
हल्का वाणिज्यिक यान, हल्के माल यान या मिनी बस    1.05
बस या ट्रक    2.20
भारी निर्माण मशीनरी या बहुधुरी वाहन (तीन से छह धुरी)    3.45
विशाल आकार के वाहन (सात या अधिक धुरी)    4.20
इनको है छूट
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायमूर्ति, राज्यपाल, उपराज्यपाल, संघ के मंत्री, मुख्यमंत्री, उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति, राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्य विधान परिषद के सभापति, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राज्यों के मंत्री और सरकारी दौरे पर उच्च पदस्थ विदेशी व्यक्ति।
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