लेदर ट्रेडिंग कारोबारी ग्रोवर दंपति की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या किए जाने के मामले में पांचवें दिन एक और तथ्य सामने आया है। उनके इकलौते बेटे गिरीश ग्रोवर ने पुलिस को बताया है कि मां के गले में घर की चाबियां मिली थीं। जो शव के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने उन्हें सौंपी। मां ये चाबियां गले में तभी डालती थीं, जब उन्हें घर से बाहर जाना होता था। इसका मतलब यह है कि मम्मी पापा के साथ ही बाहर से आई थीं। इससे लगता है कि बदमाश पहले से ही घर में मौजूद थे। यह जानकारी इसलिए अहम है क्योंकि पुलिस अभी तक घटनाक्रम के बारे में ठीक से अंदाजा भी नहीं कर पा रही है।
इस तथ्य के बाद घटनाक्रम इस तरह से माना जा रहा है। अवनीश और ऊषा ग्रोवर रात 8:30 बजे के बाद सेंट्रो कार से बाहर गए। उन्हें इस समय तक घर पर देखा गया था। इसके बाद रात को 10:30 बजे के आस-पास लौटकर आए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मर्डर का समय लगभग 10 बजे बताया गया है।
अवनीश ग्रोवर को रात में शायद कहीं और जाना था। इसलिए अपनी सेंट्रो कार घर के बाहर पार्किंग लाइट ऑन करके खड़ी की। यह यहीं पर मिली थी। उनके घर में घुसते ही बदमाश कहीं छुप गए। इसके बाद दंपति जाली वाला गेट लगाकर कमरे में चले गए। पीछे से बदमाशों ने जाली काटकर गेट खोला और अंदर प्रवेश किया।
इसके बाद बेडरूम में दोनों के मुंह और पैरों को टेप से बांध दिया। लेकिन यहां से कहानी फिर उलझ जाती है। क्योंकि दोनों की लाशें गैराज में मिलीं। जबकि हत्या की गई मेन गेट के पास। अब अगर दोनों को बेडरूम में बांध दिया गया, तो वे गेट पर कैसे पहुंचे? क्योंकि टेप तो हटा नहीं था। दूसरा सवाल यह है कि जब दोनों को बंधक बना लिया था, तो उनकी हत्या की जरूरत क्यों पड़ी? क्या उन्होंने बदमाशों को पहचान लिया था?
फोरेंसिक लैब की मदद मांगी
घटनाक्रम को समझने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब की मदद मांगी है। लैब के एक्सपर्ट मौका मुआयना करने के साथ क्राइम सीन का री-क्रिएशन भी करेंगे। इसमें सबसे पहले यह समझा जाएगा कि वारदात किस क्रम में हुई?
पुलिस के चार सवाल
1. गिरीश ग्रोवर से पूछा है कि बदमाश कितना कैश और कितने गहने लूटकर ले गए हैं?
2. कौन-कौन से रिश्तेदार हैं, जो अभी तक दुख जताने के लिए नहीं आए हैं?
3. अवनीश ग्रोवर का किसी के साथ संपत्ति का कोई विवाद तो नहीं था?
4. पिछले एक साल में किसी से कोई झगड़ा तो नहीं हुआ था?
ठेकेदार के फावड़े से की हत्या
एक और तथ्य यह सामने आया है कि जिस फावड़े और गेंती का इस्तेमाल मर्डर में हुआ, वह उस ठेकेदार का था, जो अवनीश ग्रोवर के घर में निर्माण कार्य कर रहा था। इन्हें गैराज में रखा गया था। सवाल यह है कि बदमाशों ने गैराज का शटर खोलकर फावड़ा क्यों निकाला? उन्हें इसका पता कैसे चला? गेट के पास हत्या के बाद लाश भी गैराज में बंद की गई थी। फावड़ा गेट पर और गेंती लाश के पास मिली थी।