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योगीजी! यहां तो पुलिस ने जन्माष्टमी पर मंदिर से उतरवाया लाउडस्पीकर

Thu, 17 Aug 2017 02:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पिनाहट (आगरा)
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थाने में साउंड सिस्टम - फोटो : अमर उजाला
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एक ओर प्रदेश सरकार ने थानों में जन्माष्टमी के आयोजन के आदेश ‌दिए थे वहीं आगरा के एक स्कूल में ध्वजारोहण करने गए सीओ पिनाहट ने मंगलवार को मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवा दिए। आरोप है कि उनके आदेश पर पुलिसकर्मी सारा सामान ट्रैक्टर ट्राली में लादकर थाने ले गए। 
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इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देख सीओ ने लाउडस्पीकर लौटा दिए। बजरंगियों ने घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को देकर सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बताया गया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नंदगवां रोड पिनाहट में सीओ पिनाहट मोहसिन खान सुबह करीब आठ बजे ध्वजारोहण करने गए थे। पास में ही हुब्बलाल जूनियर हाईस्कूल से सटे प्रेमानंद आश्रम में जन्माष्टमी के मौके पर कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही थीं। 
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वहां लाउडस्पीकर पर भजन कीर्तन चल रहे थे। तेज आवाज होने के कारण सीओ मोहसिन खान ने एक पुलिसकर्मी को भेजकर आवाज कम करने को कहा। इस पर आवाज कम कर दी गई लेकिन राष्ट्रगान शुरू होने के समय अचानक आवाज तेज हो गई।

सीओ पहुंचे और बंद करा दिया साउंड

बताया गया है कि विद्यालय में कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीओ आश्रम में पहुंचे और साउंड को बंद करा दिया। पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर और मशीन को ट्रैक्टर ट्राली में लादकर थाने ले गए।  इसकी जानकारी होते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। लोग समुदाय विशेष के सीओ पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाने लगे।  लोगों ने घटना की जानकारी एसएसपी दिनेश चंद दुबे को दी। इधर, विरोध बढ़ता देख सीओ ने थाने से लाउडस्पीकर लौटा दिए।

धर्मों के साथ राष्ट्रगान भी महत्वपूर्ण

मंदिर से लाउड स्पीकर उतारे जाने के मामले में सीओ मोहसिन खान का कहना है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ध्वजारोहण के समय सूरज नाम का युवक तेज आवाज में लाउडस्पीकर चला रहा था। उसे साउंड धीमा करने को कहा गया था लेकिन वह नहीं माना। 

उसके अभद्रता करने पर लाउडस्पीकर उतरवाए गए। बाद में उसके माफी मांगने पर लाउडस्पीकर लौटा दिए गए। उन्होंने कहा कि वे सभी धर्मों का आदर करते हैं। धर्मों के साथ राष्ट्रगान भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इसका भी सम्मान जरूरी है।
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ध्वजारोहण की नहीं थी जानकारी

लाउडस्पीकर चलाने वाले सूरज का कहना है कि वह मशीन को सेट कर रहा था। उसे विद्यालय में ध्वजारोहण की जानकारी नहीं थी। वहीं, प्रांत सह संयोजक सतेंद्र बरुआ का कहना है कि मंदिर से लाउडस्पीकर उतार कर थाने ले जाना निंदनीय है। 

यदि साउंड तेज बज रहा था तो उसे चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था। । बजरंग दल के जिला संयोजक सतेंद्र परिहार ने बताया कि मामले की शिकायत संगठन के उच्च पदाधिकारियों से कर सीओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। 
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