आगरा के थाना लोहामंडी क्षेत्र के राजनगर में रहने वाली रामरति घरों में कामकाज करती थी। नवंबर 2016 में बेटी नीतू की शादी बेवर, मैनपुरी निवासी श्याम के साथ कर दी थी। रामरति ने बेटी की शादी के लिए कर्ज लिया था। इसके लिए अपना 50 गज का मकान गिरवीं रख दिया था। नीतू ने बताया कि गुरुवार को उसके पति का एक्सीडेंट हो गया था।
इसके लिए रात 12 बजे तक मां से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने शुक्रवार को घर आने की कह थी। उनका एक 50 गज का प्लाट जगदीशपुरा क्षेत्र में है। भाई दिनेश को शक था कि मां प्लाट को बेचकर रकम देने जा रही है। इसलिए उनकी हत्या कर दी।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पति की मौत के बाद रामरति परिवार चलाने के लिए घरों में काम करती थी। बेटे दिनेश की शादी हुई तो बहू ने आते ही झगड़े शुरू कर दिए। कुछ समय बाद ही अलग रहने लगी। इसके बावजूद वह संपत्ति अपने नाम करना चाहती थी।
आए दिन रामरति से मारपीट करती थी। बेटा भी नहीं रोकता था। नीतू की शादी के वक्त भी बबीता ने रुपया लगाने का विरोध किया था। शादी के बाद नीतू के घर आने पर झगड़े शुरू कर दिए। उसके साथ भी मारपीट करते। एक बार मरने और मारने की धमकी तक दी थी। इस पर रामरति ने पुलिस से भी शिकायत की थी।