यमुना ब्रिज स्टेशन रोड स्थित शांति आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से हड़कंप मच गया। आसपास के घरों से लोग बाहर निकल आए। सांस लेने में तकलीफ होने पर फैक्ट्री से दूर जाकर खड़े हो गए। इस दौरान एक बुजुर्ग बेहोश हो गया। स्थिति बिगड़ते देख फैक्ट्री मालिक अशोक बाबू और दिनेश बाबू भाग गए। बाद में क्षेत्रीय लोगों की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। किसी तरह सिलेंडर बंद कर हालात काबू में किए। पुलिस ने दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है।
घटना रविवार शाम चार बजे की है। आसपास के लोगों ने बताया कि उन्हें अचानक तीक्ष्ण दुर्गंध आने लगी। घराें से बाहर आए तो पास की आइस फैक्ट्री में शोरगुल हो रहा था। पता चला अमोनिया से भरे दो सिलेंडर लीक हो गए थे, जिन्हें मजदूर ठीक करने का प्रयास कर रहे थे। कुछ देर बाद ही हालात बेकाबू हो गए। सांस लेने में तकलीफ और आंखाें में जलन होने पर फैक्ट्री से दूर चले गए। बच्चाें और बुजुर्गों की हालत ज्यादा खराब हो गई। दमकलकर्मियों ने सिलेंडर को बंद किया। इस बीच मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह पहुंचे। उन्होंने सिलेंडर की जांच की। पुलिस ने बताया कि फैक्टरी मालिक अशोक और दिनेश स्टेशन रोड निवासी हैं।
घनी बस्ती में है फैक्टरी
फैक्ट्री करीब 30 वर्षों से घनी बस्ती के बीच संचालित है। स्थानीय लोग बताते हैं कि आठ साल पहले भी ऐसा ही हादसा हो चुका है। कई बार संबंधित विभाग से इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
बुजुर्ग हुआ बेहोश
फैक्ट्री के पास बुजुर्ग ओमप्रकाश बाहर बैठे हुए थे। गैस रिसव से उनको चक्कर आए और गिर पड़े। उनके बेटे अभिषेक ने बताया कि अभी पिता की हालत सामान्य नहीं हुई है। अर्द्धबेहोशी की हालत में हैं।
फैक्ट्री में सुरक्षा पर ध्यान नहीं
फैक्ट्री में सुरक्षा पर ध्यान नहीं रखा गया है। सिलेंडर का रखरखाव ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। पास में ही बिजली के उपकरण लगा रखे हैं। कबाड़ लोहा भी पड़ा है। ऐसे में शार्ट सर्किट होने से करंट फैलने की पूरी संभावना थी।