सामाजिक संगठन रेस्क्यू फाउंडेशन की दिल्ली शाखा के जांच अधिकारी संतोष
सेधाई की सूचना पर पुलिस टीम ने सोमवार को कश्मीरी बाजार मेें छापा मारा
था। भूकंप के बाद नौकरी दिलाने के बहाने नेपाल से छह लड़कियों को आगरा ला
कर जबरन देह व्यापार कराने की सूचना पर यह कार्रवाई की गई थी। तीन कोठों से
10 को मुक्त कराया गया। इनमें नेपाल की तीन किशोरी थीं। संतोष सेधाई ने
बताया कि नेपाली लड़कियों की काउंसलिंग की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि
इनके क्षेत्र की और कितनी लड़कियों को यहां लाया गया है।
प्राथमिक
पूछताछ में पता चला है कि नेपाल में भूकंप के बाद कई शहरों में अभी तक मदद
नहीं पहुंच पाई है। हजारों परिवार कैंप में रहने को मजबूर हैं। इन्हीं कैंप
पर आगरा के अलावा कई जगहों से दलाल पहुंच रहे हैं, जो पीड़ित परिवार की
लड़कियों से मिलते हैं। पहले राहत सामग्री देते हैं। फिर उन्हें झांसे में
लेते हैं। उन्हें बताते हैं कि उनके पास 14 से 20 साल की लड़कियों के लिए
बच्चों की देखभाल करने जैसे कई काम हैं। रहने को घर भी मिलेगा। इसी झांसे
में वे लोग लड़कियां भेज देते हैं।
यूपी के सोनौली (महराजगंज), बहरवा
(नेपाल) और वीरगंज (नेपाल), रकसौल (बिहार) की सीमा से उन्हें भारत लाया जा
रहा है। इसके लिए दलाल पैदल और बस से भी सफर करते हैं। यहां पर चेकिंग भी
कम होती है। इसका फायदा उठाते हैं। इसके बाद लड़कियों को दिल्ली और मुंबई
में लाकर बेचा जा रहा है। यूपी के इलाहाबाद, मेरठ और आगरा में लड़कियों को
बेचे जाने की सूचना मिली हैं। यहां पर भी संस्था की टीम को लगाया गया है।
नुआकोट और सिंधुपाल चौक में ज्यादा तबाही
कोठों
से मुक्त कराई तीन किशोरी नेपाल के नुआकोट और सिंधुपाल चौक की रहने वाली
हैं। इन दोनों जिलों में भारी तबाही हुई है। इस वजह से यहां पर दलाल सक्रिय
हैं। इन्हें भी नौकरी और गरीबी दूर करने के बहाने यहां पर लाया गया है।
फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग में और जानकारी ली जाएगी। अभी सभी डरी हुई
हैं। इस कारण कुछ भी बताने का तैयार नहीं हैं।
लड़कियों को भेजा नारी निकेतन
पुलिस
ने कोठों से पकड़ी गईं तीन संचालिका और दस लड़कियों को मंगलवार को कोर्ट
में पेश किया। इसके बाद उन्हेें नारी निकेतन भेजा गया है। वहीं पकड़े गए 16
लोग और एक दलाल को जेल भेज दिया गया।
हर 15 दिन में होगी छापेमारी
कोठों
पर आए दिन लड़कियों को लाकर देह व्यापार कराने के मामले को देखते हुए अब
हर 15 दिन में छापेमारी की जाएगी। सीओ छत्ता बीएस त्यागी ने बताया कि एक
बार छापेमारी के बाद फिर से कोठों पर लड़कियों को लाने का मामला सामने आता
है। पुलिस समय-समय पर चेकिंग करेगी। तीन लड़कियों का अब भी पता नहीं है।
नेपाल से छह लड़कियों को लाए जाने की जानकारी थी। आशंका है कि छापेमारी की
जानकारी पर इन लड़कियों को दूसरे कोठों पर भेज दिया गया होगा।