बिचपुरी रोड स्थित एक हास्पिटल में शनिवार सुबह हास्पिटल में प्रसव के बाद नवजात बच्ची की मौत पर परिवारीजनों ने हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि बेटे की जगह मरी हुई बच्ची दिखाई गई है। डाक्टर पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। हालांकि बाद में समझौता हो गया।
बोदला स्थित माहौर नगर निवासी गोपाल की पत्नी सरिता को डिलीवरी के लिए शुक्रवार रात तकरीबन 9:30 बजे बिचपुरी रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके भाई प्रेमपाल ने बताया कि शनिवार तड़के तकरीबन 5:51 बजे सरिता की डिलीवरी हुई। आरोप है कि चिकित्सक ने बिना बताए सरिता का आपरेशन कर दिया। आपरेशन से उसकी बच्चेदानी भी निकाल दी गई। उन्हें बच्चा नहीं दिखाया। इसी बीच अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि उनके बेटा पैदा हुआ है। मगर, सुबह तकरीबन 9:30 बजे बताया कि बच्ची पैदा हुई है, जिसकी पैदा होने के कुछ देर बाद मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने हंगामा कर दिया। डाक्टर पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। डाक्टर का कहना है कि महिला के अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण आपरेशन किया गया था। बच्ची पैदा हुई थी। बच्चा बदलने का आरोप गलत है। उनके हास्पिटल में एक ही महिला की डिलीवरी हुई है। ऐसे में बच्चा कैसे बदला जा सकता है। डीएनए टेस्ट कराने को कहा तो महिला के परिवारीजनों ने मना कर दिया। शाम तकरीबन 5:30 बजे दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा का कहना है कि परिवारीजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। जांच में बच्चा बदलने का आरोप भी गलत पाया गया।