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भ्रूण लिंग जांच का मास्टरमाइंड चमकलाल गिरफ्तार

Sat, 08 Apr 2017 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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राजस्थान पुलिस ने घर पर दबिश देकर पकड़ा, दो बार हो गया था फरार - फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान पुलिस ने आगरा और फिरोजाबाद के हास्पिटलों में भ्रूण लिंग जांच करने के आरोपी मास्टरमाइंड लैब टेक्नीशियन चमकलाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे शमसाबाद रोड स्थित पुष्पांजलि क्लाउड वैली, नगला कली स्थित घर से गिरफ्तार किया है।
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बता दें, राजस्थान पुलिस की पीसीपीएनडीटी सेल ने आगरा में भ्रूण लिंग परीक्षण करते डाक्टर और नर्स को पिछले दिनों एत्माद्दौला क्षेत्र के एक हास्पिटल से पकड़ा था। स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक एवं पीसीपीएनडीटी सेल के समुचित प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि 22 सितंबर, 2016 को फतेहाबाद स्थित सलीम मेमोरियल अस्पताल से पांच लोग गिरफ्तार किए थे। तब चमकलाल अस्पताल के पीछे के रास्ते से भाग गया था। दूसरी बार टीम ने 24 दिसंबर, 2016 को फिरोजाबाद के वर्षा नर्सिग होम में कार्रवाई की। यहां से दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। नर्सिंग होम में चमकलाल ही लिंग परीक्षण करता था। तब भी वह भाग गया था। शुक्रवार को एसपी रघुवीर सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सीताराम, हेड कांस्टेबल डालचंद, राजेंद्र और समन्वयक ने चमकलाल के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे टीम सवाईमाधोपुर ले गई। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह अंतरराज्यीय भ्रूण लिंग गिरोह का सक्रिय सदस्य है। इसके राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा आगरा के देहात में एजेंटों से ताल्लुकात थे। प्रति केस एजेंटों को तय रकम देता था।

आलीशान कोठी और लग्जरी कार भी
आगरा। भ्रूण लिंग परीक्षण के धंधे के मास्टरमाइंड चमकलाल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह मूलरूप से बिहार का है। काफी साल से आगरा में रह रहा है। पुलिस ने बताया कि यहां उसने धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपना लिया। शादी कर ली। वह 12वीं पास है। उसने लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर लिया। लाइफ लाइन सीटी स्कैन सेंटर और अतुल अल्ट्रासाउंड में काफी साल तक काम किया। यहीं से वह इस काम में लिप्त हो गया। शमसाबाद रोड स्थित पुष्पांजलि क्लाउड वैली, नगला कली में आलीशान कोठी बना ली। लग्जरी कार भी खरीद ली। लिंग जांच चमकलाल उसी अस्पताल में करता था, जहां से भागने के लिए पीछे का रास्ता होता था। वह खुद बाहर जाता था, बाद में गर्भवती महिला को निकालता था। कार भी हास्पिटल से काफी दूर खड़ी करता था। ताकि किसी को उस पर शक न हो। पिछले दस साल से इस काम में लगा है।
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9 लिखा तो लड़की, 6 लिखा तो लड़का
ट्रांस यमुना कालोनी में चमकलाल अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाता था। स्वास्थ्य विभाग ने बीते साल यहां छापा मारा। इसके यहां से ही नंबर 9 और नंबर 6 का कोड वर्ड का खुलासा हुआ था। मतलब रिपोर्ट पर 9 लिखा तो गर्ल और 6 लिखा तो ब्वाय। इसका सेंटर स्वास्थ्य विभाग के यहां पंजीकृत नहीं था। इसके सेंटर को सीज कर दिया गया था।
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