छात्रा हर्षा रामवानी की हत्या का खुलासा करने में नाकाम रही पुलिस के खिलाफ गुरुवार सुबह होली पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहनकर पहुंचे इन विद्यार्थियों ने सूर सदन से शहीद स्मारक तक कैंडिल मार्च निकाला। पुलिस के रवैये पर नाराजगी दिखाते हुए नारे लगाए, पुलिसवालों ऐसा काम न करो, मरने वाले को बदनाम न करो। यह गुस्सा इसलिए था, क्योंकि पुलिस केस को सुसाइड साबित करने में लगी है।
बदन पर काले कपड़े, एक हाथ में नारे लिखी तख्ती, दूसरे में जलती मोमबत्ती और जुबां पर अंगारे.... होली पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 के छात्र-छात्राएं पूरी तैयारी के साथ आए। हर्षा इसी क्लास की छात्रा थी। इन्हें जब पता चला कि पुलिस हत्या को आत्महत्या बता रही है, तो इनका गुस्सा फूट पड़ा।
इन्होंने सुबह पहले हर्षा के माता-पिता को फोन पर कैंडिल मार्च की जानकारी दी। फिर सूरसदन पहुंच गए। यहां हर्षा के पिता रतन रामवानी के पहुंचते ही कैंडिल मार्च शुरू कर दिया। शहीद स्मारक पर पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
आज जुलूस निकालने की तैयारी
छात्र-छात्राओं ने बताया कि शुक्रवार को पूरे स्कूल के विद्यार्थी कैलाशपुरी पहुंचेंगे। हर्षा का घर यहीं है। यहीं से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक जुलूस निकाला जाएगा। इसमें सिंधी समाज के लोग भी शामिल रहेंगे। शहर के कई महिला संगठनों ने भी हर्षा के परिवार से संपर्क कर बताया है कि वे भी इस मुहिम में उनके साथ हैं।
फेसबुक पर भी चलेगी मुहिम
होली पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हर्षा को इंसाफ दिलाने केलिए फेसबुक पर भी अभियान चलाने कै फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि एक या दो दिन में ही जस्टिस फोर हर्षा नाम से फेसबुक पेज बनाया जाएगा। इससे लोगों को जोड़ा जाएगा।
वर्जन
- सेव गर्ल केनारे तो बहुत लगाए जाते हैं, लेकिन अब इसे साबित करने का वक्त है, हर्षा के हत्यारे खुले घूम रहे हैं- गौरिका
- हर्षा के हत्यारे पुलिस को गिरफ्तार करने ही होंगे, गर्ल्स कमजोर नहीं हैं, हम इंसाफ लेकर ही रहेंगी, चाहें लड़ाई कितनी ही लंबी हो - तान्या खेड़ा
- अभी तो अभियान शुरू ही हुआ है, हमें लंबी लड़ाई लड़नी है, कदम पीछे नहीं हटेंगे, हमें इंसाफ चाहिए - रितिक्शा पाटिल।
- हर्षा के हत्यारों को सजा मिलना इसलिए भी जरूरी है ताकि भविष्य में किसी और छात्रा के साथ ऐसी वारदात न हो - आयुषी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दे रही पुलिस
हर्षा के पिता रतन रामवानी का कहना है कि पुलिस ने उन्हें अभी तक न एफआईआर की कापी दी है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट। उन्होंने जो तहरीर दी थी, उसी पर मुहर लगाकर दे दी। पुलिस का रवैय्या ठीक नहीं है। दो युवकों से चार दिन से पूछताछ चल रही है, लेकिन अभी तक यह नहीं बताया कि उनसे कोई जानकारी मिली या नहीं।