ताजगंज से 17 मई से लापता बताए जा रहे जूता कारोबारी हाजी मुईन (50) की उसी रात हत्या कर दी गई थी। उनका शव सूटकेस में बंद कर 18 की सुबह चार बजे एत्मादपुर के तालाब में फेंका गया था। अमर उजाला में रविवार को छपा उनका फोटो देखकर एत्मादपुर के लोगों ने उनके परिवारीजनों को सूचना दी। इसके बाद शव का फोटो और बरामद कपड़े देखे तो शनाख्त हो गई।
पुलिस ने 21 मई को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव पंचकुइयां कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया था। ताजगंज के फेज वन एमआईजी 10 निवासी हाजी मुईन का कारखाना मंटोला के ढोलीखार में वुडमैन नाम से है। इसमें जूते, चप्पल, सैंडल बनाए जाते हैं। वे कमेला मस्जिद के मुतवल्ली भी थे। उनकी पत्नी चांदनी बेगम ने 24 मई को थाना ताजगंज में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वे 17 मई की रात 10:30 बजे बंगलूरू रवाना हुए थे। उन्हें 23 को लौटना था। लेकिन फोन स्विच आफ हो गया। बंगलूरू में जिन उद्यमियों से उन्हें मिलना था, उन्होंने फोन कर बताया कि वे नहीं पहुंचे हैं। रविवार को अमर उजाला में उनकी गुमशुदगी की खबर के साथ फोटो प्रकाशित हुआ। इसे देखकर एत्मादपुर के लोगों को 18 मई की सुबह मोहल्ला सत्ता के तालाब में मिला शव याद आ गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। यह जानकारी पुलिस से उनके परिवारीजनाें तक पहुंची। इसके बाद परिवारीजन थाना एत्मादपुर पहुंचे तो वहां शव का फोटो देखकर शनाख्त की। कपडे़ भी उन्हीं के थे। उनका शव लाल रंग के सूटकेस में मिला था। उन्होंने लुंगी और बनियान पहन रखे थे। तालाब के पास काम कर रही महिलाओं ने कातिलों को शव फेंकते हुए देखा था। वे कार में थे। महिलाओं के शोर मचाने पर भाग गए थे। उनके सामने ही शव को डिकी से तालाब में फेंका गया था। शिनाख्त के बाद एत्मादपुर ने इसकी रिपोर्ट थाना ताजगंज को भेज दी है। यहां हत्या का केस दर्ज कर जांच की जाएगी।
धारदार हथियार से किए वार
गर्दन, हाथ, नाक समेत कई जगह धारदार हथियार से काटे जाने के निशान मिले थे। शव को सूटकेस में रस्सी से बांधा गया था। पुलिस का कहना है कि सूटकेस और रस्सी नए थे।
चचेरे भाई ने की शनाख्त
एत्मादपुर पहुंच उनके चचेरे भाई सलमान ने फोटो से शनाख्त की। लुंगी और बनियान भी उनके ही बताए गए। इसके बाद कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किए जाने से पहले लिया गया फोटो भी देखा। यह भी उनका ही था।
कत्ल की कहानी
- 17 मई : किसी ने फोन कर बुलाया, रात साढ़े दस बजे ताजगंज स्थित घर से निकले।
- 18 मई : सुबह चार बजे एत्मादपुर में शव मिला, तब शनाख्त नहीं हुई।
- 21 मई : पुलिस ने शव को लावारिस में सुपुर्द ए खाक कर दिया।
- 24 मई : ताजगंज में उनकी पत्नी चांदनी बेगम ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
- 26 मई : बंगलूरू के उद्यमियों ने बताया, वे वहां नहीं पहुंचे हैं।
- 29 मई : अमर उजाला में उनका फोटो देखने के बाद शनाख्त हुई।
एत्मादपुर में 18 मई को मिला शव हाजी मुईन का बताया गया है, अब उनकी हत्या का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। - सुशील घुले ( एसपी सिटी)