गांव धौर्रा के मंदिर में बुधवार दोपहर शेर सिंह यादव (26) ने पड़ोस की युवती को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया। शेर सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया जबकि युवती की हालत गंभीर है। पुलिस का कहना है कि शेर सिंह युवती से एकतरफा प्यार करता था। उससे मंदिर में शादी करने के लिए कहा। उसने जैसे ही इंकार किया, वैसे ही तमंचे से पहले उसे गोली मारी और फिर खुद को। मौके से तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
शेर सिंह आगरा के कमला नगर स्थित वंदना नर्सिंग होम में कंपाउडर था। युवती पास के ही एक पब्लिक स्कूल से 11 वीं कर रही है। पड़ोस के लोगों का कहना है कि शेर सिंह उस पर काफी दिनों से शादी के लिए दबाव बना रहा था। वह इंकार किए जा रही थी। इस बीच शेर सिंह ने दोस्तों से कह दिया था कि वह उससे शादी करके रहेगा, चाहें कुछ भी करना पड़े। वह आते जाते उसका पीछा करता था।
बुधवार दोपहर 12 बजे वह घर के पास ही मंदिर में गई थी। वहां परिक्रमा कर रही थी। तभी शेर सिंह पहुंच गया। युवती ने बताया कि उसने उससे शादी के लिए कहा। बोला, यहीं मंदिर में अभी शादी करनी है, अगर मना किया तो अच्छा नहीं होगा। बकौल युवती, उसने इंकार कर दिया। इसी पर उसने तमंचा निकाला। पहले उसे गोली मारी और फिर खुद को। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने बताया कि युवती बरामदे में घायल पड़ी थी।
शेर सिंह लहुलुहान था और दीवार का सहारा लेकर चल रहा था। थोड़ी देर में दोनों के परिवारीजन भी पहुंच गए। शेर सिंह के परिवार वाले उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। युवती को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। थोड़ी देर बाद ही शेर सिंह की मौत हो गई। सीओ एत्मादपुर सुरेश चंद्र ने बताया कि मौकेपर तमंचा और कारतूस मिले हैं। युवती के पिता ने शेर सिंह के खिलाफ तहरीर दी है। उनका कहना है कि वह एक साल से उनकी बेटी पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। समाज के लोगों की पंचायत करके भी उसे समझाया जा चुका था लेकिन वह माना नहीं।
पंचों के समझाने पर भी नहीं माना सिरफिरा युवक
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शेर सिंह यादव के सिर पर इश्क का जुनून सवार था। वह जिस युवती दिल ओ जान से चाहता था, वह उसे पसंद नहीं करती थी। इसके बावजूद उसने कसम खा रखी थी उसे अपना बनाने की। उसे परिवार वालों ने बहुत समझाया लेकिन नहीं माना। मामला समाज की पंचायत तक पहुंचा।
मोअज्जिज लोगों ने उससे कहा कि वह युवती का पीछा छोड़ दे। उसने भरी पंचायत कह दिया था कि उसकी जिंदगी में दखल न दिया जाए। वह अपना फैसला खुद ले सकता है। गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत दो महीने पहले हुई थी। तभी से लग रहा था कि वह एक न एक दिन कोई न कोई अनहोनी करके मानेगा। परिवार के नजदीकी लोगों का कहना है कि उसने चार महीने पहले तमंचा और कारतूस खरीद लिए थे।
पुलिस ने बताया कि शेर सिंह ने युवती और खुद के दिल पर निशाना बनाकर गोली मारी थी। युवती के गोली पेट के बीच में लगी। हो सकता है कि निशाना चूक गया हो। उधर चिकित्सकों ने बताया कि शेर सिंह ने खुद के भी सीने पर गोली मारी थी। यह दिल पर लगी थी।शेर सिंह की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। उसके दो भाई और दो बहन हैं। बड़ा भाई हरवीर मजदूरी करता है। छोटा राकेश पढ़ता है। बहन विमलेश और कमलेश की शादी हो चुकी है।