जेल में बंद सपा नेता अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि की गिरफ्तारी के बाद उसके उन सहयोगियों की मुश्किल भी बढ़ सकती है जिन पर सारा त्रिपाठी की हत्या में साक्ष्य मिटाए जाने के आरोप लगे थे। सारा की मां सीमा ने यहां तक आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या अमनमणि के फार्म हाउस में की गई। इसके बाद लाश को लाकर कार में रखा गया।
उनका आरोप था कि अमनमणि के आगरा निवासी एक दोस्त ने पुलिस को भी मैनेज किया था। वही सबसे पहले मौके पर पहुंचा था। उसने साक्ष्य मिटाए थे। सीमा सिंह ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक पर सवाल उठाए थे।
बता दें, फीरोजाबाद में नौ जुलाई को हाईवे पर सारा की मौत उस कार में हुई थी जिसे अमनमणि चला रहा था। उसने बयान दिया था कि एक बच्ची अचानक सामने आ गई। उसे बचाने में कार पलट गई। लेकिन उसकी कहानी पर किसी को यकीन इसलिए नहीं हो रहा था क्योंकि उसे खरोंच तक नहीं आई थी।
पहले पुलिस ने जांच की थी, लेकिन बाद में सीबीआई को जांच सौंप दी गई। सीबीआई ने ही अमनमणि को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि उसके जिन दोस्तों पर साक्ष्य मिटाने के आरोप लगे, उनसे सीबीआई जल्द पूछताछ कर सकती है। इनमें आगरा निवासी दोस्त के अलावा फीरोजाबाद का भी एक दोस्त है। सारा की हत्या के बाद दिल्ली में उसके भाई हर्ष पर भी हमला हुआ था। इसमें भी अमनमणि के दोस्तों पर आरोप लगे थे।
फोरेंसिक जांच से सामने आया सच
आगरा। अमनमणि ने कहा था कि उसकी कार के सामने अचानक से बच्ची आ गई। उसने तेजी से ब्रेक लगाए जिससे कार पलट गई। इस दौरान कार का टायर फट गया। सारा का सिर अंदर कार में टकराया। इससे उसकी जान चली गई। लेकिन फोरेंसिक जांच में यह कहानी सच नहीं पाई गई थी। आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके पर जाकर जांच की थी। बाद में सीबीआई ने भी उनकी रिपोर्ट का अध्ययन किया था।