एसएसपी बनकर इटावा के बड़ापुरा थाने के प्रभारी को ठगने की कोशिश की गई। गैंग ने प्रभारी को फोन किया था। उनसे खाते में पांच हजार रुपये जमा करने के लिए बोला। शक होने पर प्रभारी ने आगरा के एसएसपी से बात कर ली। इससे मामले का पता चल गया। अब पुलिस गैंग की तलाश कर रही है।
इटावा के बड़ापुरा थाने के प्रभारी जितेंद्र सिंह के पास दो दिन पहले एक फोन आया। उनसे एक युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का दरोगा बताते हुए बात की। उसने कहा कि एसएसपी अमित पाठक बात करेंगे। इस पर फोन पर बात करने वाले ने कहा कि आगरा की क्राइम ब्रांच को इटावा में वाहन चोर गैंग का पता चला है।
क्राइम ब्रांच गैंग को पकड़ने वाली है। पुलिस टीम रास्ते में हैं। मगर, जीप का तेल खत्म होने की वजह से नहीं आ पा रहे हैं। उसने एक नंबर दिया और कहा कि टीम में शामिल एक व्यक्ति से बात कर लो। प्रभारी ने उस नंबर पर बात की तो उसने खाता संख्या बताते हुए पांच हजार रुपये जमा करने के लिए बोला।
थाना प्रभारी ने किया एसएसपी को फोन
इस पर थाना प्रभारी को शक हो गया। उन्हें एसएसपी की आवाज भी पहचान में नहीं आ रही थी। थाना प्रभारी ने सीधे एसएसपी अमित पाठक से फोन करके बात की। एसएसपी ने बताया कि यह फर्जी है। कई जिलों में उनके नाम से कॉल किए जा चुके हैं। मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई के लिए कहा। फोन करने वाले का मोबाइल नंबर भी मांग लिया।
एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि आसपास के जिलों में एक गैंग सक्रिय है, जोकि उनके नाम से पुलिस को कॉल कर रहा है। उन्होंने सभी जिलों में पत्र भी भेजा है। सावधान रहने की सलाह दी है। वहीं आरोपी युवक बुलंदशहर का है। उसका नाम नितिन है। वह थानों में फोन करता है। नितिन पांच बार जेल भी जा चुका है। उसकी तलाश की जा रही है।
इससे पहले गुरुवार को सैफई थाना प्रभारी को कॉल किया था। क्राइम ब्रांच आगरा का एसआई अरुण कुमार शर्मा बताकर बात की थी। तीन चोरी की गाड़ियां बताकर कहा कि कप्तान अमित पाठक बात करेंगे। दूसरे ने एसएसपी आगरा बताते हुए बात की। कहा कि चोरी की गाड़ी पकड़ लेंगे या टीम भेजूं।
इसके बाद मुखबिर से बात करने के लिए बोल दिया। मुखबिर ने से थाना प्रभारी ने बात की। उसने पांच हजार रुपये खाते में जमा करने के लिए कहा। गुडवर्क के चक्कर में थाना प्रभारी ने नेट बैंकिंग से रकम जमा कर दी। इसी तरह एसओ ऊसराहार को भी कॉल किया था। मगर, वो बच गए।