तेजस ग्रुप इडेन एग्रीकल्चर एंड रिसर्च प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर पर रकम दोगुना करने का लालच देकर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनी के आफिस पर ताला डाल दिया गया। अब निवेशक अपने रुपयों को लेकर परेशान हैं। थाना पुलिस से शिकायत करने पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। गुरुवार को 10 पीड़ितों ने एसएसपी से शिकायत की। मामले में थाना हरीपर्वत पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं।
पीड़ित लोगों में टूंडला, फिरोजाबाद निवासी राकेश त्यागी सहित बृजेश कुमार शर्मा, प्रमोद कुमार वर्मा, नंद कुमार शर्मा, नरेंद्र मोहन गुप्त, विष्णु शर्मा, हेमंत उपाध्याय, रुस्तम सिंह, डा. भगवान दास और बनवारी लाल हैं। राकेश के मुताबिक, कंपनी के डायरेक्टर गौरव शंकर लखनऊ के हैं। वहीं पर हेड आफिस भी है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े उनके परिचितों ने बताया था कि कंपनी रुपयों को दोगुना करती है। अधिक ब्याज भी देती है। इसके साथ रुपये लगाने पर वापसी की पूरी गारंटी देती है।
यह भी कहा कि कंपनी डायरेक्टर के साथ कई साल से काम कर रहे हैं। कंपनी के अन्य ग्रुप तेजस इंफ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, तेजस माइक्रो फाइनेंस, तेजस फिल्म्स, तेजस प्रकाशन, इडेन एग्रीकल्चर एंड रिसर्च प्रोड्यूसर कंपनी के नाम से कार्यरत हैं। इस पर राकेश कंपनी का प्रतिनिधि बन गया। इसके बाद एजेंट अनिल कुमार गुप्ता, आनंद, विशाल को बनाकर जोड़ लिया। कंपनी ने संजय प्लेस में आफिस खोला था। इसके अलावा फिरोजाबाद और इटावा में भी आफिस खोले गए।
संजय प्लेस आफिस में प्रतिनिधियों ने कई बार रुपये जमा किए। कंपनी रकम की रसीद भी देती थी। राकेश ने तकरीबन 40 लोगों के 39 लाख रुपये लगाए। तय तिथि पर रुपये मांगे लेकिन नहीं मिले। इस पर लखनऊ में कंपनी के डायरेक्टर गौरवशंकर से संपर्क किया। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कंपनी का आफिस भी बंद कर दिया गया। ऐसे कई और लोगों के साथ ठगी की गई है।
एसपी प्रोटोकाल विद्यासागर मिश्र ने बताया कि तेजस ग्रुप की करोड़ों की धोखाधड़ी की शिकायत मिली है। मामले में थाना हरीपर्वत पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में मामला सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।