सीमेंट कारोबारी निखिल कुमार से अखबार में स्कीम के तहत विज्ञापन छपवाने के नाम पर 399 रुपये का चेक लिया और उसे किसी तरह से 22 लाख का बनाकर कारपोरेशन बैंक में लगा दिया गया। बाद में आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर वाराणसी के हरीकृष्णा ज्वेलर्स के यहां से जेवरात खरीद लिए गए। कारोबारी को मंगलवार को पता भी तब चला जब वह बैंक पहुंचे।
गोवर्धन चौराहे निवासी निखिल कुमार की लक्ष्मी स्टील के नाम से फर्म है। 23 अगस्त को निखिल के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक अखबार का प्रतिनिधि बताते हुए मिलने के लिए समय मांगा। निखिल ने जब आने को कहा तो दो युवक पहुंच गए। इनमें से एक ने अपना नाम रघुनाथ और दूसरे ने विनय बताया।
इन दोनों ने निखिल से कहा कि विज्ञापन को लेकर स्कीम चल रही है। 399 रुपये में विज्ञापन छप जाएगा। इस पर निखिल तैयार हो गए। उन्होंने कृष्णानगर स्थित कारपोरेशन बैंक में करंट खाते का 399 रुपये का चेक काटकर दे दिया।
मंगलवार को बैंक पहुंचे कारोबारी को खाते से 22 लाख रुपये वाराणसी के किसी हरीकृष्णा ज्वेलर्स के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से शिफ्ट होने की जानकारी मिली तो उन्होंने कृष्णानगर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने कारोबारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कारोबारी के अनुसार चेक से छेड़छाड़ करके कंपनी के नाम की जगह योर सेल्फ और 399 की धनराशि के स्थान पर 22 लाख नौ हजार 865 रुपये लिखे गए हैं। कारोबारी का आरोप है कि बिना उनके संज्ञान के बड़ी रकम आरटीजीएस बैंक ने कैसे कर दी। चौकी प्रभारी मदन सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है।