मथुरा में तीन जुलाई को तड़के निजामुद्दीन त्रिवेंद्रम सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में लूटपाट के बाद मां-बेटी की जान लेने वाले पांच बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए हैं। इनके कब्जे से महिला का मोबाइल और लूटी गई नकदी बरामद हुई है।
पुलिस पूछताछ में इन बदमाशों ने बताया कि वो महिला से बैग छीनकर भाग रहे थे। इसी दौरान महिला और उसकी बेटी ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। वो लोग खुद को बचा रहे थे। इसी धक्का-मुक्की में मां-बेटी ट्रेन से गिर गईं। बदमाशों ने इस ट्रेन से चार पैसेंजरों को लूटने की बाद स्वीकार की है।
यह खौफनाक वारदात वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर पहले (दिल्ली की तरफ) हुई थी। निजामुद्दीन एक्सप्रेस के एस-2 कोच में पश्चिम बंगाल दुर्गपुर निवासी मीना अपनी बेटी मनीषा और बेटे आकाश के साथ सफर कर रहीं।
बेटी का दाखिला कराने जा रही थी मां
मीना अपनी बेटी मनीषा का कोटा कोचिंग सेंटर में दाखिला कराने जा रही थीं। सीट पर रखा मीना का बैग छीनकर बदमाश भागे थे। मीना और उनकी बेटी मनीषा बदमाशों से बैग बचाने के लिए भिड़ गईं थीं। खूब खींचतान हुई थी। इसी दौरान बदमाशों ने खुद को बचाने के लिए मां-बेटी को ट्रेन से धकेल दिया था जिससे दोनों की मौत हो गई थी।
बुधवार को रेलवे पुलिस ने एक महिला और चार बदमाशों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। एसपी रेलवे जोगिंदर सिंह का कहना है कि मीना से जो मोबाइल लूटा गया था उसके जरिए बदमाश पकड़े गए हैं।
गिरफ्तार बदमाशों में जयपुर के मालवीय नगर निवासी प्रदीप, लक्ष्मीनगर मथुरा का राजू गोस्वामी, भरतपुर का सुखवीर, हरलालपुरा आगरा का नंदकिशोर और रिफाइनरी रांची बांगर निवासी देवकी है। जबकि कुछ अभी फरार हैं। इन बदमाशों ने चार पैसेंजरों से लूटपाट करने की बात स्वीकार की है। फिरोजाबाद की महिला से लूटे गए कैश में से 26,500 रुपये भी बरामद हो गए हैं।