ग्वालियर रोड स्थित सिल्वर सिटी में चार करोड़ की जमीन के विवाद में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गोलियां चल गईं। आरोप बसपा के फतेहाबाद से उम्मीदवार पंडित उमेश सेंथिया और उनके परिवारीजनों पर है। इनके खिलाफ सदर थाने में जानलेवा हमला और बलवा की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें चार नामजद हैं और50-55 अज्ञात। पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
जमीन मदन मोहन की बताई गई है। उनका कहना है कि उमेश सेेंथिया ने दो साल पहले 1100 वर्ग मीटर जमीन का इकरारनामा किया था। करीब चार करोड़ में सौदा हुआ था। लेकिन न रकम अदा की और न ही बैनामा कराया। एफआईआर मदन मोहन पक्ष के संग्राम सिंह ने दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि वे लोग जमीन पर गिट्टी गिरवा रहे थे। तभी उमेश सेंथिया, प्रदीप, रामसेवक और 40-50 अज्ञात लोगों को लेकर आ गए। उन्होंने लाठी, डंडे, बंदूक ले रखे थे। आरोप है कि उन्होंने पहले लाठी डंडों से मारपीट की। इसके बाद गोली चलाईं। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। पुलिस दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों को थाना ले आई थी। बताया गया है कि उमेश सेंथिया मौके से भाग गए। बाद में संग्राम सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई। उमेश सेंथिया पक्ष के लोगों से एक दोनाली बंदूक और एक राइफल बरामद की गई है।
मदन मोहन का कहना है कि वे लोग दबंगई कर जमीन कब्जाना चाह रहे थे। उधर, प्रदीप का कहना है कि वे लोग काफी पैसा दे चुके हैं। काम होता देख जमीन को सिर्फ देखने के लिए गए थे। मदन मोहन पक्ष ने हमला किया है। उधर, पुलिस ने उमेश सेंथिया के भाई उमांशकर, राम सेवक और भतीजे प्रदीप को गिरफ्तार किया है। उधर, मौके पर मिले मदन मोहन, सत्यपाल और रामकुमार को भी हिरासत में लिया है। इनके खिलाफ शांति भंग की धारा में कार्रवाई की जाएगी।
फायरिंग दूसरे पक्ष ने की : उमेश सेंथिया
उमेश सेंथिया का कहना है कि डेढ़ साल पहले 65 लाख रुपये देकर 1100 वर्ग जमीन का सौदा दो करोड़ 80 लाख में किया था। इसका एग्रीमेंट किया था। वे लोग (मदन पक्ष) रजिस्ट्री नहीं कर रहे। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध पर मदन मोहन पक्ष ने मारपीट और फायरिंग की।
निरस्त कराए जाएंगे शस्त्र लाइसेंस
सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि मौके से मिले असलाह दोनाली बंदूक और राइफल के लाइसेंस निरस्त कराए जाएंगे। मुकदमे में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।