सेवला अहीर गांव के किसान केदारनाथ शर्मा के पुत्र राजेंद्र और संजय की
गांव में खेतीबाड़ी है। केदारनाथ की जनवरी 1998 में मृत्यु हो चुकी है।
खेत के पास ही गांव के सुशील शर्मा ने पट्टे पर जमीन ली थी। संजय का आरोप
है कि सुशील पक्ष के लोगों ने उनकी खेती हड़पने की कोशिश की। इसको लेकर
दोनों पक्षों में विवाद है। 28 जून, 2013 को सुशील शर्मा ने खेत पर जुताई
करने के दौरान विपक्षी राजेंद्र, केदारनाथ शर्मा, संजय, वेदराम, झिंगुरिया
और महावीर के खिलाफ जानलेवा हमले और बलवे की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया,
जबकि केदारनाथ की मौत 17 साल पहले हो चुकी है।
इसमें कहा कि हमलावरों
ने जमीन पर कब्जे के लिए खेत की जुताई के दौरान पथराव और फायरिंग की। पुलिस
ने बगैर जांच पड़ताल किए मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। तत्कालीन
विवेचक संजीव दुबे ने जांच में हमले की घटना को झूठा पाया। विवेचना के बाद
फाइनल रिपोर्ट लगाकर सीओ कार्यालय में भेज दी गई।
एसओ के थाने से हटने
के बाद पुलिस ने दोबारा जांच की और अब मुकदमे में नामजद आरोपियों के खिलाफ
कोर्ट से धारा 82 की कार्यवाही कर दी। पीड़ित राजेंद्र ने एसएसपी से इसकी
शिकायत की है। एसपी देहात बबीता साहू का कहना है कि मामले की जांच कराई
जाएगी।