शादी कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गैंग की सरगना छत्तीसगढ़ के रायपुर की प्रतिमा नाम की महिला इंजीनियर निकली है। इस गिरोह में और भी कई युवतियां शामिल हैं। लेकिन पुलिस ने फिलहाल चार युवकों को पकड़ा है। गिरोह के दस सदस्य फरार बताए गए हैं। गिरोह का दफ्तर खंदारी में था। यहां से चार लैपटॉप, दो कंप्यूटर, 27 मोबाइल और 27 ही रजिस्टर मिले हैं। रजिस्टरों में उन सैंकड़ों युवाओं के नाम हैं जिनसे ठगी की गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन छत्तीसगढ़ के हैं। ये हैं रायपुर का बैस , चांपा का राजकुमार और बिलायीगढ़ का अमित। इनके अलावा प्रदीप द्विवेदी मध्य प्रदेश के सीधी का है। इनके पूछताछ में पता चला कि ये लोग आगरा में पिछले दो साल से ठगी कर रहे थे।
माय पार्टनर डॉट कॉम नामसे वेबसाइट बना रखी थी। इस पर आवेदन मांगते थे। तीन चार युवतियों को भी ठगा है। बाकी सभी युवक हैं। साइट पर जो बैंक एकाउंट नंबर दिए हैं, वे सभी फर्जी हैं। एक ही युवती की अलग अलग पोजीशन में प्रोफाइल पिक्चर लगाते थे। इनमें से पांच - छह युवतियां गैंग में शामिल हैं।
इनके अलावा कई फोटो इंटरनेट के जरिए ले रखे थे। आवेदक का फोन नंबर लिया जाता था। वह जिस युवती को पसंद करता, उससे बात कराने का वादा किया जाता। इसकेबाद गैंग की वही युवती बनकर गैंग की महिला सदस्य फोन करती। उसे झांसे में लेकर एकाउंट में चार हजार जमा कराए जाते।
बता दें, गिरोह को साइबर सेल और हरीपर्वत थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा है। इसकी शिकायत बदायूं के रिटायर्ड कांस्टेबल रामचरण ने की थी।
--। नोएडा में किया फ्रॉड
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि आगरा से पहले उन्होंने पार्टनर डॉट कॉम नाम से ही नोएडा में आफिस खोला था। वहां भी इसी तरह ठगी की। लेकिन वहां जाल में कम लोग फंसे। इसलिए आगरा चले आए।
--। पुलिस ने ॅकुंवारा ॅ बनकर पकड़ा
साइबर सेल ने गिरोह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एक सिपाही ने कुंवारा बनकर आवेदन किया। फोन पर बातें की। इसके बाद पूरी डिटेल हासिल कर दी। और फिर हरीपर्वत पुलिस को साथ लेकर छापा मार दिया।