थाना बेवर क्षेत्र के गांव सकरा निवासी मानसिंह राठौर (65) ने 18 वर्षीय पुत्री मोहिनी की शादी अतुल कुमार पुत्र सज्जनलाल निवासी धनमऊ किन्हावर मैनपुरी के साथ तय की थी।
शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण कराया था। गुरुवार को नुमाइश पंडाल में हुए समारोह में मानसिंह परिजनों के साथ पहुंच गए। काफी इंतजार के बाद जब वर पक्ष के लोग नहीं आए तो उन्हें फोन किया।
परिजनों के अनुसार, वर पक्ष के लोगों ने पांच लाख रुपये दहेज के रूप में मांगे। रुपये न देने पर शादी से इंकार कर दिया। मानसिंह राठौर ने इस संबंध में डीएम से लिखित शिकायत की और बेटी को लेकर घर आ गया।
गुरुवार रात घर के सामने परिषदीय विद्यालय के बरामदे में मानसिंह ने अंगोछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। शुक्रवार सुबह वृद्ध का शव फंदे पर लटका देख परिजनों में चीत्कार मच गया।
परिजनों ने एलान कर दिया कि जब तक बेटी की शादी नहीं होगी, वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। माहौल बिगड़ता देख गांव के कुछ समझदार लोगों ने दूल्हा व परिजनों को गांव बुलाया और वार्ता की। इसके बाद वर पक्ष के लोग शादी को तैयार हो गए। दोनों पक्ष के लोग रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे और शादी का पंजीकरण कराया।
युवक और युवती की कराई गई कोर्ट मैरिज
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लकड़ी पक्ष की मांग पर शुक्रवार को कोर्ट मैरिज हो गई। अब विधिवत शादी नौ फरवरी को सामूहिक विवाह योजना के तहत होगी। शिकायत के बाद डीएम ने भी दोनों पक्षों से वार्ता करने के बाद नौ फरवरी को शादी कराने का आश्वासन मानसिंह को दिया था।
कोर्ट मैरिज के बाद ही उठी अर्थी
बेटी की कोर्ट मैरिज होने के बाद ही मानसिंह की अर्थी उठी। शादी पंजीकरण कराने के बाद दोनों पक्ष के लोग गांव पहुंचे, इसके बाद शाम को अंत्येष्टि की गई।
दोनों पक्ष में बातचीत के बाद विवाद शांत हो गया है। परिजनों की मांग पर शुक्रवार को ही रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी करा दी गई है। अब विधिवत शादी नौ फरवरी को होगी।
गुड्डू यादव, प्रधान प्रतिनिधि।
लड़की के पिता की शिकायत पर नौ फरवरी को शादी कराने का आश्वासन दिया था। पिता द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी नहीं है।
प्रदीप कुमार, जिलाधिकारी।