जिले के किसान बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि की मार से अभी उबरे भी नहीं थे कि अब सूखे की आंच उन्हें झुलसाने लगी है। बाह में सूखी खड़ी बाजरा और तिल की फसल देख किसान को सदमा लग गया। परिवारीजन जब तक अस्पताल पहुंचाते तब तक उनकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
बाह में बासौनी क्षेत्र के गांव डालपुरा निवासी किसान भागीरथ (49) पुत्र पूतीराम ने अपने तीन बीघा खेत में बाजरा और तिल की फसल बोई थी। खेत में फसल अच्छी हुई। लेकिन बारिश न होने और सिंचाई के अभाव में फसल सूखकर नष्ट हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि फसल नष्ट होने से भागीरथ पिछले चार दिन से काफी परेशान थे। मंगलवार की शाम सदमा लगने से अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। जानकारी होने पर परिवारीजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। उनके भाई श्यामलाल ने बताया कि भागीरथ की पत्नी पांचो देवी की 12 साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि 10 साल पहले उनकी पुत्री सुनीता की मौत हुई थी।