अयोध्या, काशी, हरिद्वार और मथुरा में बड़े पैमाने पर नकली नोट खपाने की प्लानिंग हो रही है। मथुरा में ही जन्माष्टमी पर पांच लाख के नकली नोट खपाए जाने थे। जन्माष्टमी पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं तक जाली करेंसी पहुंचाने की साजिश थी। गिरफ्तार भाइयों से पूछताछ में जो खुलासा हुआ है उससे खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं।
धार्मिक शहरों में फेक करेंसी झोंकी जा रही है। जिन शहरों में हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं वहां नकली नोटों को चलाने की प्लानिंग है। मथुरा, वृंदावन, काशी, फैजाबाद, हरिद्वार, आगरा और राजस्थान के पुष्कर, करौंदी, मेंहदीपुर बालाजी, अजमेर शरीफ और श्रीनाथद्वारा में जाली नोटों के तस्करों ने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया है।
बुधवार को जाली करेंसी के साथ गिरफ्तार पिंटू उर्फ जाहिद और शाकिर से हुई पूछताछ में जो नेटवर्क सामने आया है उसके आधार पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने भी इन दोनों भाइयों से पूछताछ की।
पूछताछ में इन दोनों ने पुलिस को बताया कि प्रदेश के बड़े मेले और त्योहारों पर उमड़ने वाली भीड़ के बीच नकली नोट चलाए जाने थे। भीड़ में नकली नोट चलाना आसान रहता है। क्योंकि मेले में भीड़ रहती है लिहाजा कोई नोटों को बारीकी के साथ चेक भी नहीं करता है।
50-50 का होता है सौदा
2000 rupees
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि हर जिले में नोटों को बाजार में चलाने वाले एजेंट तय होते हैं। 2000 का एक नकली नोट चलाने पर 1000 तस्कर लेता है जबकि एक हजार चलाने वाले के होते हैं। पुलिस को अब तक की पड़ताल में जो जानकारी हासिल हुई उसके मुताबिक पश्चिम बंगाल से नोट लाए गए हैं।
खुफिया एजेंसियां मान रही हैं बांग्लादेश से नोटों को सप्लाई किया जा रहा है। गोविंदनगर इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि नकली नोटों को चलाने वाला एक पूरा गिरोह है। यह लोग प्रदेश के कई जिलों में नोटों की सप्लाई कर चुके हैं। कोसीकलां के नकासा निवासी आसू उर्फ आश मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद पूरा नेटवर्क सामने आएगा।
एटीएस और एनआईए ने जुटाए सुराग
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
48 हजार के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार जाहिद और उसके भाई शाकिर से एटीएस और एनआईए की टीम ने भी पहुंचकर पूछताछ की है। हालांकि इन एजेंसियों के अफसरों ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि अधिकारियों को इस नेटवर्क के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सुराग लग गए हैं। मथुरा और आसपास के शहरों से कुछ लोगों को उठाया जा सकता है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद और बरेली में छापामारी हो सकती है।