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फातिमा के पास मालदा से भेजी जाती थी जाली करेंसी

Tue, 21 Feb 2017 05:51 PM IST
फातिमा के पास मालदा से भेजी जाती थी जाली करेंसी
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फातिमा के पास मालदा से भेजी जाती थी जाली करेंसी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बंग्लादेश में जाली करेंसी का सबसे बड़ा रैकेट मालदा से चल रहा है। एत्माद्दौला से पकड़ी गई फातिमा उर्फ लीची के पास भी नकली नोटों की खेप मालदा से ही आती थी। इस रैकेट के कई सदस्य मेरठ और आगरा जोन में सक्रिय हैं। एनआईए और एटीएस उनका पता लगाने में जुट गई हैं।
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बंग्लादेश की फातिमा जिस रैकेट से जुड़ी थी उसका सरगना एप्पल उर्फ अपल शेख है। उसे भारत सरकार के कहने पर बंग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह अब ढाका जेल में बंद है। फातिमा को नोट सप्लाई करने वाला अनवार उल इस्लाम कोलकाता पुलिस ने पकड़ा था। वह अपल शेख का मुख्य गुर्गा है।
एनआईए और एटीएस ने अपल शेख, अनवार उल इस्लाम और लीची की कॉल डिटेल की पड़ताल की है। अनवार और लीची से पूछताछ भी हो चुकी है। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इसमें यही बात सामने आई है कि यह रैकेट मालदा से जाली करेंसी का काला कारोबार चलाता है।
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इसमें किसी के पकड़े जाने से फर्क नहीं पड़ता। एक जेल चला जाता है तो दूसरा उसका काम संभाल लेता है। अनवार के पकड़े जाने के बाद अपल के दूसरे गुर्गे फातिमा के पास नकली नोट लाते रहे। अनवार को पिछले साल कोलकाता पुलिस ने आठ लाख की जाली करेंसी के साथ पकड़ा था जबकि अपल शेख हाल ही में ढाका में पकड़ा गया। इसके बावजूद जाली करेंसी का गोरखधंधा रुका नहीं है।
एनआईए के पास जानकारी है कि इसे रैकेट के दूसरे सदस्यों ने संभाल लिया है। इस रैकेट के कई सदस्य मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, आगरा और फिरोजाबाद में सक्रिय हैं। एनआईए ने इसकी जानकारी एटीएस को सौंप दी है। इन पर अब एटीएस काम कर रही है।
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि वेस्ट यूपी में तीन जगह से जाली करेंसी आती है। पाकिस्तान से, नेपाल से और बंग्लादेश से। बंग्लादेश में सबसे बड़ा रैकेट मालदा में चल रहा है। इस रैकेट के कई गुर्गे कोलकाता में सक्रिय हैं।
बंग्लादेशी नागरिकों पर खुफिया नजर 
आगरा।
जाली करेंसी के इस मामले के खुलासे के बाद खुफिया पुलिस ने ऐसे लोगों पर नजर रखना शुरू किया है जो बंग्लादेश के नागरिक हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं जो शादी के बाद यहां वीजा पर रह रही हैं। इनके घर पिछले दिनों बंग्लादेश से आए लोगों के बारे में जानकारी की जा रही है। फातिमा के पास जाली करेंसी के सप्लायर आकर रुकते थे। वे खुद को उसका रिश्तेदार बताते थे।
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