तिजोरी की चाबियां मन बहादुर के पास थीं। उसने सोमवार की रात में पूरी रकम चोरी की। इसे दो हिस्सों में बांट दिया। 28 लाख रुपये बेटे संजय और पुत्र वधू को दिए। 13 लाख दामाद को दे दिए।
चारों नेपाल के लिए चल दिए। बेटा संजय और पुत्रवधू साथ थे। मन बहादुर और दामाद अलग-अलग थे। मंगलवार सुबह कॉलेज खुलने पर चोरी का पता चला। इसके बाद मन बहादुर की तलाश शुरू हुई।
पुलिस ने सर्विलांस पर फोन लगाए। वह दिल्ली से पकड़ा गया। उससे रकम नहीं मिली। उसने पूरा प्लान बता दिया। इसके बाद बेटे संजय और पुत्रवधू को मुरादाबाद से पकड़ा गया। ये दोनों नोटों से भरे बोरे को लेकर नेपाल जा रहे थे।
पुलिस ने भारत नेपाल मैत्री बस को रुकवा कर चेकिंग की तो पाकबड़ा में गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से करीब तीस लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस आरोपी दंपती से पूछताछ कर रही है। चौकीदार के फरार दामाद की तलाश की जा रही है।
मन बहादुर कीठम में ही 21 साल से चौकीदारी का काम कर रहा है। 10 साल से कॉलेज का चौकीदार है। उस पर भरोसा था। इसलिए कॉलेज प्रबंधन ने तिजोरी की चाबियां उसे दे रखी थीं।
कैमरे में कैद हो गई चोरी की वारदात
कॉलेज के चेयरमैन वाईके गुप्ता ने बताया कि मन बहादुर के पास ही कालेज और कार्यालय की चाबियां रहती थीं। मन बहादुर का बेटा संजय और उसकी पत्नी यहां आई हुईं थी।
सोमवार की रात किसी समय मन बहादुर ने कार्यालय का ताला खोलकर फीस के 41 लाख रुपये चोरी कर लिए। मन बहादुर की तलाश की गई। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। तब उसमें मन बहादुर चोरी करते दिखा।