फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजमहल के अंदर उड़ाया ड्रोन, सुरक्षा में सेंध

Wed, 22 Feb 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
विज्ञापन
ताजमहल पूर्वी गेट स्थित मंदिर से दक्षिण कोरियाई पर्यटक ने उड़ाया ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
महज दो दिन पहले डीएम ने ताजमहल के आसपास ड्रोन की उड़ान प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया और बुधवार सुबह ताज के अंदर फोरकोर्ट तक में ड्रोन उड़ाया गया। दक्षिण कोरिया के पर्यटक ने बुधवार सुबह आधा घंटे तक ड्रोन से वीडियो रिकार्डिंग की पर ताज सुरक्षा में तैनात पुलिस ने उसे रोका तक नहीं। फोरकोर्ट में ड्रोन देखकर सीआईएसएफ ने ड्रोन उड़ाने वाले पर्यटक को धर दबोचा और उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आईबी और एलआईयू की रिपोर्ट के बाद पर्यटक को छोड़ दिया।
विज्ञापन

ताजमहल की सुरक्षा में लगातार पांचवीं बार सेंध लगाई गई। सुबह सात बजे होटल सरोवर प्रीमियर में ठहरे दक्षिण कोरियाई पर्यटक प्रो. चुन होंग चुल ने पूर्वी गेट केसामने बने मंदिर से ड्रोन उड़ाना शुरू किया। ड्रोन से पूर्वी गेट और फिर दशहरा घाट पर जाकर फोटोग्राफी और वीडियो बनाए गए। यलो जोन में तैनात पुलिसकर्मियों में से किसी ने दक्षिण कोरियाई पर्यटक को नहीं रोका। वॉसुक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रो. चुल का ड्रोन ताज के फोरकोर्ट में पहुंचा तो रेड जोन में तैनात सीआईएसएफ केजवान सक्रिय हो गए। सीआईएसएफ जवानों की क्यूआरटी ने ड्रोन कैमरे को उड़ाने वाले पर्यटक को पकड़ा और ड्रोन जब्त कर लिया। इसके बाद पर्यटक को पर्यटन पुलिस के हवाले कर दिया। पर्यटन थाने में इंटेलिजेंस ब्यूरो और एलआईयू ने पर्यटक से पूछताछ की। पूछताछ में प्रो. चुल ने बताया कि वह कोरिया से ही अपने साथ ड्रोन लेकर आए थे। ताजमहल के पास ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। उन्होंने केवल ताज के एरियल शॉटस ही फिल्माए हैं। सुरक्षा को लेकर कोई शूटिंग नहीं की गई। पूछताछ के बाद पर्यटक को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

पर्यटक की गलती नहीं है। कहीं भी ड्रोन न उड़ाने की जानकारी डिस्प्ले नहीं की गई है। पर्यटक की मंशा गलत नहीं थी। अब ताज के पास ऐसे नोटिस बोर्ड लगवाए जाएंगे, जिनमें क्या करें, क्या न करें बताया जाएगा। भविष्य में ड्रोन उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
विज्ञापन

गौरव दयाल, डीएम, आगरा

पांचवीं बार उड़ाया गया ड्रोन
यह पांचवां मौका है जब ताजमहल के अंदर ड्रोन उड़ाया गया है। किसी भी मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एक बार हॉट एयर बैलून तक ताज के अंदर पहुंच चुका है। हैरतअंगेज पहलू ये है कि यलो जोन में अब सीसीटीवी भी है और पीएसी तथा पुलिस के जवानों की भारी मौजूदगी भी है पर किसी भी मामले में पुलिस ताज के अंदर ड्रोन या बैलून पहुंचने पर कार्रवाई नहीं कर पाई। हर बार सीआईएसएफ को ही कार्रवाई करनी पड़ी है। यही हाल ताज के अंदर घुसने वाले पर्यटकों का भी है। शुक्रवार को दो बार पश्चिमी गेट से शाम को पर्यटकों के दीवार फांदने की घटनाएं हुई है लेकिन पुलिस हर बार सोती रही। ताज की सुरक्षा को लेकर पुलिस की हर बार लापरवाही रही है।

अक्तूबर 2014 से है भारत सरकार की रोक
आगरा। ड्रोन की उड़ान पर कोरियन पर्यटक को क्लीन चिट बेशक दे दी गई हो, लेकिन भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने 7 अक्तूबर 2014 को ही देश में किसी भी एनजीओ, संगठन या व्यक्तिगत रूप से ड्रोन की उड़ान को प्रतिबंधित कर रखा है। डीजीसीए ने फाइल नंबर 05-13/2014एईडी में यह नोटिस जारी किया है कि यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) और यूएएस (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स) की उड़ान के लिए गृह मंत्रालय की अनुमति की जरूरत होगी। भारतीय आसमान में ड्रोन उड़ाने के लिए पहले डीजीसीए को आवेदन करना होगा। बिना अनुमति के ड्रोन की उड़ान सुरक्षा के लिए खतरा है। डीजीसीए के तीन साल पुराने और डीएम के निर्देश के बाद भी ड्रोन की उड़ान पर प्रशासन-पुलिस ने न केवल पर्यटक को क्लीन चिट दे दी, बल्कि थाने में कागजी कार्रवाई तक नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें