फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लकड़ी की चौखट काटकर कमरे में घुसे थे बदमाश

Mon, 23 Nov 2015 02:18 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
खंदारी के ग्रोवर दंपति डबल मर्डर केस में भले ही पुलिस अधिकारियों से लेकर फोरेंसिक साइंस लैब के एक्सपर्ट तक क्राइम सीन में उलझकर रह गए हों, लेकिन दंपति का परिवार केस से जुड़ी नई जानकारी लगातार जुटा रहा है। ताजा खुलासा यह है कि बदमाश दिन में ही वारदात के लिए रास्ता बना गए थे। उन्होंने कमरे में घुसने के लिए दरवाजे की लकड़ी की चौखट ठीक उसी जगह से काट दी थी, जहां जाली के गेट की चटखनी है।
विज्ञापन

इससे दो बातें साफ होती हैं। एक तो बदमाशों का कोई साथी दिन के समय ग्रोवर हाउस में आया। दूसरा, उसे मालूम था कि ऊषा ग्रोवर लोहे की जाली वाले गेट में सिर्फ ऊपरवाली चटखनी बंद रखती हैं। दंपति के इकलौते बेटे गिरीश ग्रोवर का कहना है कि उनकी नजर चौखट के इस हिस्से पर रविवार को पड़ी। यह बड़ी सफाई से काटा गया है।
इसके बाद गेट खोलने के लिए इसे सिर्फ खींचने की जरूरत रह जाती है। इसका मतलब यह है कि दिन में ही रात की वारदात को अंजाम देने का इंतजाम कर लिया गया था। दिन में घटना करने में पकड़े जाने का जोखिम था। ग्रोवर हाउस बीच बाजार में है।
विज्ञापन

गेट बंद होने पर चौखट की लकड़ी इस तरह काटा जाना मुमकिन नहीं है। इससे यह भी पता चलता है कि लोहे की जाली वाले इस गेट पर काटे जाने के दो निशान पुलिस को गुमराह करने के लिए बनाए गए थे। हालांकि यह पहले से ही लग रहा था कि इनमें से हाथ देकर चटखनी नहीं खोली गई। ऐसा किया जाता को जाली मुड़ गई होती, जबकि यह ज्यों कि त्यों मिली थी।
अंदाजे लगा रही पुलिस
1 - दंपति को बांधने में इस्तेमाल टेप जूता फैक्ट्रियों में इस्तेमाल किया जाता है। इससे आशंका है कि बदमाशों के तार जूता कारखाने से जुड़े हो सकते हैं।
2 - ऊषा ग्रोवर के मोबाइल का सिम नाला बुढ़ान सैयद में पड़ा मिला। यह नाला खटीकपाड़ा की ओर जाने वाले रास्ते में पड़ता है।
3- दंपति की हत्या में गैराज में रखे फावड़े और गेंती से की गई। लगता है कि बदमाशों को गैराज में रखे सामान का पता था।
4- दंपति के शव गेट से घसीटकर गैराज तक ले जाए गए थे।  बदमाश एक या दो ही रहे, ज्यादा होते तो शव उठाकर ले जाते।
5- मुंह और पैर टेप के बांधने के बावजूद हत्या की गई। इससे लगता है कि बदमाशों को दंपति ने पहचान लिया था
दिन में कौन-कौन आया ?
इस खुलासे के बाद पुलिस यह मालूम करने में जुट गई है कि  ग्रोवर हाउस में दिन में कौन-कौन आता था? खासतौर से यह मालूम करने का प्रयास किया जा रहा है कि 15 नवंबर को कौन-कौन आया था? 15 की रात को ही घटना हुई थी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें