विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक सतेंद्र सिंह की हत्या के सात दिन बाद पुलिस ने मैनपुरी के कॉलेज संचालक ओमेंद्र यादव को वांटेड घोषित कर दिया है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है लेकिन अब कामयाबी मिलना मुश्किल हो गया है। पुलिस ने शुरू में उसे हिरासत में नहीं लिया। इस ढिलाई का फायदा उठाकर वह निकल भागा। अब तो उसके करीबी रिश्तेदार भी घरों पर ताला लगाकर चले गए हैं। 12 फरवरी की देर शाम 7:15 बजे की गई हत्या के बाद ओमेंद्र के मोबाइल फोन चालू थे। उसकी लोकेशन मौका ए वारदात की आई। पुलिस ने तब उसे नहीं पकड़ा गया। पिछले दो दिनों से उसके घर दबिश दी जा रही है। लेकिन वहां ताला लटका है। उसके रिश्तेदारों के घरों का भी यही सीन है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि विश्वविद्यालय से उसके बैंक खातों की डिटेल मांगी गई है। इन्हें सीज कराने के लिए कोर्ट से दरखास्त की जाएगी।
गांव का प्रधान है हत्यारोपी
ओमेंद्र यादव दबंग किस्म का है, मैनपुरी के अंजनी गांव का प्रधान है।
उसकी भाभी ममता मैनपुरी ब्लाक से प्रमुखी चुनाव लड़ी, तीन वोट से हार गईं।
इसी चुनाव में ब्लॉक कार्यालय पर सीओ का सिर फोड़ दिया गया था।
सतेंद्र से पहले हत्या के दो मुकदमे दर्ज हैं उसके खिलाफ।
उसकी कई कॉलेजों में हिस्सेदारी है, दो कॉलेजों का संचालक भी।