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अटक गई सीएम की सुरक्षा में चूक की जांच

Sun, 04 Dec 2016 12:26 AM IST
अटक गई सीएम की सुरक्षा में चूक की जांच
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में पुलिस से हुई चूक की जांच शुरू तो बड़ी तेजी से की गई थी लेकिन आगे नहीं बढ़ पा रही है। सात दिन में इतना तक तय नहीं हो पाया है कि लापरवाही बरतने में कुल कितने पुलिसकर्मी शामिल हैं। जिन दरोगा और इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया, उनके बयान भी दर्ज नहीं हो पाए हैं। यह तक साफ नहीं है कि सुरक्षा में किस किस पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी।
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मुख्यमंत्री 27 नवंबर को आगरा आए थे। उनकी सुरक्षा में चूक की बात तीन जगह सामने आए। एक तो इनर रिंग रोड के उद्घाटन के दौरान। यहां सपाई सुरक्षा घेरा तोड़ सीएम के नजदीक पहुंच गए थे। दूसरा, साइकिल ट्रैक पर । यहां जब सीएम साइकिल चलाने पहुंचे तो सपाइयों समेत सैकड़ों लोगों के बीच धक्का मुक्की तक की नौबत आ गई थी। तीसरा रास्ते में।
उनकी फ्लीट के बीच सपा नेताओं की गाड़ियां घुस गई थीं। सुरक्षा में चूक का पता चलने पर एसएसपी ने एक इंस्पेक्टर और दो दरोगा सस्पेंड कर दिए। तीनों जगह सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात थे। उनके नाम और तैनाती का पता कर कार्रवाई के लिए जांच एसपी क्राइम और एसपी ईस्ट को दी गई।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों अधिकारी जांच को आगे नहीं बढ़ा पाए हैं। एसपी क्राइम ने सस्पेंड इंस्पेक्टर और दरोगा को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया लेकिन वे नहीं आए। एसपी ईस्ट ने प्रोटोकॉल आफिस से सीएम सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की जानकारी मांगी। उन्हें यह अभी तक नहीं मिल पाई। इसके चलते जांच जहां की तहां अटकी हुई है।
दोनों अधिकारियों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तय होगा कि कार्रवाई की जद में कौन कौन पुलिसकर्मी आता है। फोर्स बाहर के जनपदों की भी लगी थी, इसलिए कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के कप्तानों को पत्र भेजा जाएगा।
सपाइयों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
आगरा। सीएम की फ्लीट के बीच अपनी कार घुसा देने वाले सपा नेताओं पर भी अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। न तो पुलिस ने इनकी पहचान कर इन पर कोई कार्रवाई की है। न ही सपा संगठन ने कोई कदम उठाया    है। मामला सीएम की सुरक्षा के जुड़ा है। इसके बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
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