शहर की सड़कों पर दौड़ रहे अधिकांश ई-रिक्शा चीन निर्मित हैं। मानकों के विपरीत इन ई-रिक्शा की बॉडी और इंजन बेहद हल्के हैं। इनसे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। संभागीय परिवहन विभाग ने ऐसे ई-रिक्शा पर रोक लगा दी है। इनके स्थान पर 600 सीसी हॉर्स पावर के इंजन वाले ई-रिक्शा चलेंगे। इन्हें परमिट और लाइसेंस भी आरटीओ से जारी होंगे। अभी तक इनका पंजीकरण नगर निगम में कराया जा रहा था।
शहर में दो हजार से अधिक ई-रिक्शा एमजी रोड समेत विभिन्न रूटों पर दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश ई-रिक्शा सड़क परिवहन के नियमों पर खरे नहीं उतरते हैं। पिछले माह मंडलायुक्त ने आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी) की बैठक में ऐसे सभी ई-रिक्शा पर रोक लगाने और उन्हें नष्ट करने के निर्देश दिए थे। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि चूंकि ई-रिक्शा कमजोर आय वर्ग के लोगों की रोजी-रोटी का साधन है। इसलिए इन पर व्यापक कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन इन्हें जब्त किया जाएगा। इनके स्थान पर अब मानकों के अनुरूप निर्मित ई-रिक्शा को परमिट देने और उन्हें लाइसेंस देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत अब तक 25 से ज्यादा लोगों ने नए ई-रिक्शा का परमिट लेने के लिए आवेदन किए हैं। आरटीओ (प्रवर्तन) एके सिंह ने बताया कि कमिश्नर ने मानकों के विपरीत यानी चीन निर्मित ई रिक्शा बेचने वाले दुकानदारों की सूची तैयार कराई है। ऐसी दुकानों को सील किया जा रहा है।
तीन दुकानों पर लगाई सील
गुरुवार की दोपहर को आरटीओ और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ताजगंज और सदर बाजार में चीन निर्मित ई-रिक्शा बेचने वाले दुकानदारों के यहां छापेमारी की। टीम ने सेवला जाट में सेठजी मोटर्स, ताजगंज में कैलाश टाकीज के पास न्यू गुप्ता आटो और फतेहाबाद स्थित डीएमडब्ल्यू आटो पार्ट्स दुकानों को सील किया है। एसीएम चतुर्थ श्यामलता, एआरटीओ हेमचंद्र गौतम, सहदेव पाल, एके मिश्रा, सीओ सदर असीम चौधरी शामिल रहे।